Wednesday, January 14, 2026
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Nishkalank Mahadev Mandir: आखिर क्या है समुद्र के बीच स्थित निष्कलंक महादेव मंदिर का रहस्य?


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Nishkalank Mahadev Mandir: गुजरात के भावनगर जिले के पास कोलियाक गांव में स्थित निष्कलंक महादेव मंदिर एक बेहद अनोखा और प्रसिद्ध शिव मंदिर है. यह मंदिर कोलियाक समुद्र तट से करीब एक किलोमीटर अंदर समुद्र के बीच स्थित है.

समुद्र में गुप्त निष्कलंक मंदिर

भारत में ऐसे बहुत कम मंदिर हैं जो समुद्र के भीतर बने हों. इसलिए यह जगह भक्तों के लिए बेहद खास मानी जाती है. निष्कलंक मंदिर सामान्य दिनों में पूरी तरह पानी में डूबा रहता है और केवल इसके ऊपर लहराती ध्वज-पताका ही दिखाई देती है. इसी कारण इसे गुप्त तीर्थ भी कहा जाता है.

जब समुद्र में भाटा पड़ता है और पानी पीछे हट जाता है, तभी यह मंदिर दिखाई देता है और भक्त तट से करीब 500 मीटर पैदल वहां तक जाकर दर्शन कर पाते हैं.

पौराणिक कथा और शिवलिंगों की मान्यता

कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कुरुक्षेत्र के महायुद्ध के बाद पांडवों ने करवाया था. युद्ध में अपने ही भाइयों कौरवों का वध करने के कारण पांडव बहुत दुखी  थे. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से अपने पापों से मुक्ति पाने का उपाय पूछा.

तब श्रीकृष्ण ने उन्हें एक काला ध्वज और एक काली गाय दी और कहा कि इनका पीछा करो. जिस स्थान पर ध्वज और गाय दोनों सफेद हो जाएं, वही तुम्हारे पापों के समाप्त होने का स्थान होगा.

लंबे समय तक चलते हुए पांडव जब कोलियाक तट पर पहुंचे, तो ध्वज और गाय दोनों सफेद हो गए. पांडवों ने वहीं भगवान शिव की कठोर तपस्या की. उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव पांच स्वयंभू शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए.आज भी वही पांच शिवलिंग मंदिर में स्थापित हैं और उनके सामने नंदी की मूर्तियाँ रखी हुई हैं.

दर्शन से होते हैं पाप मुक्त

निष्कलंक महादेव मंदिर में पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. मन को शांति मिलती है.  जब शिवलिंग पानी से बाहर आते हैं, तब बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं.

मंदिर में पारंपरिक तरीके से पूजा, जलाभिषेक और प्रसाद अर्पित किया जाता है. समुद्र के बीच स्थित यह मंदिर न केवल भगवान शिव की महिमा का प्रतीक है, बल्कि यह भक्तों के धैर्य की भी परीक्षा लेता है. इस मंदिर में आने वाले भक्तों की यही मंशा रहती है कि यहां दर्शन कर हम पाप मुक्त हो सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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