Monday, August 10, 2026
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PoK में तीसरे चरण की वोटिंग टली: लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच फैसला; शहबाज की पार्टी PML-N ने अब तक 24 सीटें जीतीं


10 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ रउफ डार

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 10 अगस्त सोमवार को होने वाली वोटिंग टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार हो रहे प्रदर्शन के चलते यह चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं।

PoK में कुल 45 सीटें हैं जिन पर चुनाव हो रहा है। इससे पहले दो चरणों में शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने कुल 24 सीटें जीतीं। इसके बाद PML-N का PoK में सरकार बनाना तय था। लेकिन तीसरे चरण की 11 सीटों पर चुनाव अब टल गया है।

दावा- पहले चरण के चुनाव के दौरान 19 लोगों की मौत

PoK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा भड़क गई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर झड़पें भी हुईं।

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों का आरोप है कि रावलकोट में पाकिस्तानी फौज ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की जान गई। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मृतकों के नाम भी जारी किए हैं।

भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को मानने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए PoK पर अपने अवैध कब्जे को छिपाने और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

विरोध प्रदर्शन की 4 तस्वीरें…

पीओके में रविवार को विरोध करते हुए प्रदर्नकारियों ने पाकिस्तानी फौज की वर्दी सड़क पर टांग दी।

पीओके में रविवार को विरोध करते हुए प्रदर्नकारियों ने पाकिस्तानी फौज की वर्दी सड़क पर टांग दी।

पीओके में रविवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रास्तें में आग लगा दी।

पीओके में रविवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रास्तें में आग लगा दी।

रावलकोट में 27 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

रावलकोट में 27 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

पहले चरण के चुनाव के बीच रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग इकट्ठा होकर पाकिस्तान सरकार और वहां की सत्ता व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

पहले चरण के चुनाव के बीच रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों लोग इकट्ठा होकर पाकिस्तान सरकार और वहां की सत्ता व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

27 जुलाई को फायरिंग में घायल एक आदमी जमीन पर लेटा हुआ है।

27 जुलाई को फायरिंग में घायल एक आदमी जमीन पर लेटा हुआ है।

12 रिजर्व सीटें रद्द करने की मांग पर आंदोलन

  • आंदोलनों के सफल होने से JAAC का जनाधार बढ़ा। अब संगठन महंगाई के मुद्दे से आगे बढ़कर PoK को ज्यादा स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकार देने की मांग कर रहा है।
  • सबसे बड़ी मांग PoK विधानसभा की 45 सीटों में से 12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की है। ये सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में रहते हैं।
  • JAAC का कहना है कि जो लोग पाकिस्तान के दूसरे शहरों में रहते हैं, उन्हें PoK की सरकार बनाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
  • JAAC के मुताबिक इन 12 सीटों की वजह से स्थानीय मतदाताओं की राय का असर कम हो जाता है और अक्सर केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है।

भारत ने चुनाव को दिखावटी बताया

भारत लंबे समय से PoK में होने वाले चुनावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस इलाके में कोई राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने PoK चुनाव को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को सही दिखाने की कोशिश बताते हुए इसे दिखावटी एक्सरसाइज कहा है। भारत ने यह भी आरोप लगाया है कि पाकिस्तान चुनावों के जरिए अपने कब्जे को छिपाने और इलाके में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।

नवाज शरीफ पीओके के पीएम बनना चाहते हैं

PML-N के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 22 जुलाई को कहा था कि अगर उनकी पार्टी PoK में जीतती है, तो वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे।

लेकिन PoK के मौजूदा संविधान के मुताबिक, प्रधानमंत्री विधानसभा के मुस्लिम सदस्यों में से ही चुना जाता है। विधानसभा सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का PoK का स्थायी निवासी होना, और चुनावी सूची में नाम होना जरूरी है।

नवाज शरीफ इस चुनाव में PoK विधानसभा की किसी सीट से उम्मीदवार नहीं हैं। ऐसे में सिर्फ PML-N का अध्यक्ष होने या शहबाज शरीफ की मंजूरी मिलने से नवाज सीधे PoK के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।

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यह खबर भी पढ़ें…

शांत रहने वाला PoK पाकिस्तान के लिए परेशानी कैसे बना:12 रिजर्व सीटें क्यों खत्म कराना चाहते हैं प्रदर्शनकारी, मांगें क्यों नहीं मान रही सरकार

पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर को लेकर कई बार युद्ध हो चुका है। पाकिस्तान ने हमेशा भारत के साथ कश्मीर विवाद को सबसे बड़ा मुद्दा माना। इस वजह से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोगों की अपनी परेशानियों पर कम ध्यान दिया गया। अब वहां हालात ऐसे हैं कि सरकार के लिए उनकी आवाज दबाना मुश्किल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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