किशनगंज में एसएसबी के नाम पर ठगी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह नकली मैसेज भेजकर दुकानदारों को लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। जानकारी और ऑडियो क्लिप के अनुसार, संजय सिंह नाम से पहचान बताने वाला एक जालसाज स्थानीय व्यवसायियों, खासकर राशन दुकानदारों और ईंट-भट्ठा मालिकों को अपना शिकार बना रहा है। यह जालसाज खुद को नजदीकी एसएसबी कैंप का अधिकारी बताता है और सामान आपूर्ति के बहाने ठगी कर रहा है। ठगी का तरीका यह है कि ठग सबसे पहले राशन दुकानों या ईंट-भट्ठा मालिकों से संपर्क करता है। वह खुद को एसएसबी कैंप का प्रतिनिधि बताता है और भारी मात्रा में सामान का ऑर्डर देता है। तुरंत वापस ट्रांसफर करने का बनाता है दबाव इसके बाद वह दुकानदारों से सामान की लिस्ट और कुल बिल राशि के साथ बैंक अकाउंट डिटेल्स मांगता है, ताकि वह ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर सके। असली खेल इसके बाद शुरू होता है। यदि सामान का कुल बिल 20,000 रुपये बनता है, तो जालसाज दुकानदार के मोबाइल पर 50,000 रुपये का एक नकली ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का एसएमएस भेज देता है। फर्जी मैसेज भेजने के तुरंत बाद ठग दुकानदार से कहता है कि गलती से 30,000 रुपये ज्यादा ट्रांसफर हो गए हैं। वह इसे सरकारी पैसा बताकर तुरंत वापस ट्रांसफर करने का दबाव बनाता है। जब दुकानदार पैसे वापस भेज देता है, तो ठग दोबारा यह दावा करता है कि उसके पास पैसे नहीं पहुंचे हैं। ठगी की घटनाओं को दिया अंजाम वह दुकानदार को डराता-धमकाता है और इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए कहता है कि अगर पैसा वापस नहीं मिला तो उसकी नौकरी चली जाएगी। इस तरह वह एक ही पीड़ित से बार-बार पैसे ऐंठ लेता है। जानकारी के अनुसार, इस ठग द्वारा इस्तेमाल की जा रही फर्जी आईडी और पहचान पत्र पहले भी कई जगहों पर सर्कुलेट हो चुके हैं। इसने भारत-नेपाल के अन्य क्षेत्रों में भी एसएसबी के नाम पर इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। यह गिरोह विशेष रूप से उन्हीं इलाकों को निशाना बना रहा है जहां एसएसबी के कैंप पहले से स्थापित हैं।
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