छतरपुर के राजाराम प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में चल रही ट्रिपल सी (CCC) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। गुरुवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल को मिली गोपनीय सूचना के बाद उन्होंने तत्काल एसडीएम अखिल राठौर को जांच के लिए कॉलेज भेजा।
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निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्ष से सात फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। ये परीक्षार्थी किसी अन्य छात्र के नाम से परीक्षा दे रहे थे। इस दौरान परीक्षा का ऑब्जर्वर मौके से गायब मिला, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई।
शुक्रवार को पकड़े गए सात में से पांच नकली परीक्षार्थियों और परीक्षा ऑब्जर्वर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की।
शनिवार को इस मामले में आगे बढ़ते हुए कुल 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें 14 फर्जी विद्यार्थी, कॉलेज संचालक अशोक कुमार घोष और दो स्टाफ सदस्य राहुल सेन व मिलिंद बानखेड़े शामिल हैं।
जिन विद्यार्थियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम हैं: निशा राजपूत पिता पुत्तीलाल, सोनी पाल पिता नरेश चंद्र, सुनील कुमार पिता विद्याराम, सुनील कुमार पिता रामदुलारे, आशू श्रीवास्तव, पवन कुमार, नरवीर सिंह, शिवानी सुदर्शन, शिवानी कोरी, सुशील कुमार वर्मा, नीरज कुमार, धीरेंद्र कुमार, अजय यादव और रोहित कुमार।
जांच में सामने आया है कि यह फर्जी परीक्षा रैकेट लंबे समय से सक्रिय था। उत्तर प्रदेश के कुछ लोग राजाराम आईटीआई कॉलेज को फर्जी उम्मीदवार बैठाने का केंद्र बना चुके थे। वे मोटी रकम लेकर असली छात्रों की जगह फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाते थे। ज्यादातर छात्र उत्तर प्रदेश से ही आते थे। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

