2 घंटे पहले
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शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को मुंबई में मीडिया से बात की।
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिवंगत दिशा सालियन को कभी नहीं जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर उनका नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
आदित्य का यह बयान CBI की तरफ से 2020 के दिशा मौत मामले में FIR दर्ज करने के 2 दिन बाद आया है। FIR में किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
28 साल की सालियन की मौत 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी।
पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी और बाद में जांच के बाद दावा किया कि यह आत्महत्या का मामला था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा के पिता की याचिका पर CBI जांच के निर्देश दिए थे।
दिशा के पिता का आरोप- केस को दबाने की कोशिश की गई
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिशा के पिता सतीश सालियान ने कहा था कि दिशा का गैंगरेप और हत्या हुई। मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR की मांग की थी।
उन्होंने यह भी कहा था- मैं 6 साल से इसका इंतजार कर रहा था। खुश होने की कोई वजह नहीं है। मैंने अपनी बेटी को खोया है। आज मुझे राहत महसूस हो रही है। मैंने हाथ जोड़कर जज के प्रति आभार जताया।

वकील ने कहा था- आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली पर FIR होगी
सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने कहा था कि जिन लोगों के खिलाफ जांच में सबूत मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ सबूत नहीं मिलता है तो उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। अगर CBI की रिपोर्ट नकारात्मक आती है, तो परिवार को उस पर आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा।
ओझा के मुताबिक, FIR में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे, सचिन वाजे और पिछली SIT के उन सदस्यों के नाम भी आरोपी के तौर पर दिए गए हैं, जिन पर मामले को दबाने का आरोप है।

शुरुआती जांच 3 महीने में ही बंद कर दी थी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर की सुनवाई के दौरान छह साल तक FIR दर्ज न करने के लिए मुंबई पुलिस को फटकार लगाई और कहा था कि पुलिस की जांच से जवाबों से ज़्यादा सवाल खड़े होते हैं।
दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी। अक्टूबर 2020 में पुलिस ने मौत को सुसाइड बताया था। वहीं दिसंबर 2023 में केस दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। इसमें भी आत्महत्या की बात कही गई थी।
पहले भी बोल चुके आदित्य- दिशा की मौत से मेरा कोई लेना-देना नहीं
इससे पहले नई दिल्ली में भी आदित्य ठाकरे ने दिशा केस से जुड़े सवालों और आरोपों पर जवाब देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था- “इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, तो मैं इन आरोपों पर जवाब क्यों दूं। पिछले 6 साल से मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जो भी बीजेपी को चुभता है, उसे लेकर उसे परेशानी होती है। जैसा मैंने कहा, जब आपका किसी चीज से कोई लेना-देना नहीं है, तो उसके बारे में बोलना या उसे कोई महत्व देना क्यों चाहिए? मेरा यही रुख है।” पढ़ें पूरी खबर…


