1. दही और खीरे का मेल ना करें
खीरा और दही दोनों ही पेट को ठंडक देने वाले खाद्य हैं. लेकिन इन्हें एक साथ, खासकर बारिश में, नहीं खाना चाहिए. इस मौसम में नमी ज्यादा होती है, और खीरे की तासीर ठंडी होती है. दही भी ठंडा होता है. जब दोनों साथ मिलते हैं, तो पेट में जलन, गैस या अपच की समस्या हो सकती है. बारिश में रायता खाने का मन हो, तो खीरे की जगह भुना जीरा और पुदीना इस्तेमाल करें.
प्याज खाने में स्वाद बढ़ाता है और इसके स्वास्थ्य लाभ भी हैं. लेकिन बारिश के दौरान दही के साथ प्याज खाना आपकी त्वचा पर असर डाल सकता है. यह मेल त्वचा पर फुंसियां, खुजली या दाने जैसी दिक्कतें ला सकता है. खासकर जो लोग पसीना ज्यादा निकालते हैं, उन्हें इस संयोजन से दूर रहना चाहिए.
उड़द दाल से बने पकवान जैसे दाल, बड़ा, या दही बड़े बहुत लोकप्रिय होते हैं. पर मानसून में इनका सेवन सावधानी से करना चाहिए. उड़द दाल भारी मानी जाती है और इसे पचाना मुश्किल होता है. जब इसे दही के साथ खाया जाता है, तो पेट में गैस, भारीपन और जलन जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं. अगर आपको पाचन से जुड़ी दिक्कतें पहले से हैं, तो इस संयोजन से पूरी तरह बचें.
बारिश के मौसम में कोशिश करें कि दही को दिन में खाएँ और रात में ना लें. साथ ही, दही में हल्का सा काला नमक और जीरा मिलाकर खाएं तो यह ज्यादा लाभदायक रहता है. दही के साथ कभी भी ठंडी या भारी चीजें न मिलाएं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

