स्कीम के तहत महिलाओं को लाभ दिया जा रहा हैं।
खंडवा में बागवानी खेती और खासकर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बगिया मां के नाम स्कीम लॉन्च की हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को अपनी निजी जमीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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इस स्कीम के तहत खंडवा जिला सबसे आगे हैं। जिले को 700 हितग्राही चयन करने का टारगेट मिला था। जिस पर पंचायत विभाग ने 1500 रजिस्ट्रेशन कर लिए हैं। जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने बताया कि, एक बगिया मां के नाम स्कीम में जहां जिला प्रदेश में टॉप हैं, वहीं टॉप-5 ब्लॉक में जिले के चार ब्लॉक (खंडवा, पंधाना, पुनासा और खालवा) शामिल हैं।
बता दें कि, इससे पहले इसी साल जल संचयन अभियान में भी खंडवा जिले ने न केवल बेहतर प्रदर्शन किया। बल्कि पूरे देश में नंबर-1 पायदान पर रहा था। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खंडवा प्रशासन को प्रशंसा-पत्र जारी किया था।
योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार
खंडवा जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को इस परियोजना का लाभ मिलेगा। जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। महिलाओं को पौधों की सुरक्षा से लेकर कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
30 लाख फलदार पौधे लगाए जाएंगे
एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत प्रदेश की 31 हजार 300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। खंडवा जिले में भी बड़ी संख्या में महिलाएं इस परियोजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं। जिससे कि वो अपनी आजीविका में सुधार कर पाएगी।
महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहे
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को फलदार पौधों की देखभाल और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जा रही है। इससे महिलाएं अपने पौधों की देखभाल कर सकेंगी और अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगी।
कार्यक्रम की मॉनिटरिंग मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। जिससे चयनित जमीन, गड्ढे सहित पौधों की यथास्थिति के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी।

