शहर के शिवपुरी रोड स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि कमर में चोट के इलाज के लिए भर्ती मरीज सूबेदार बंजारा का पैर इलाज शुरू होने से पहले ही खराब हो गया। इस घटना को लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों के अनुसार, दोहरी वाबड़ी निवासी सूबेदार बंजारा को कमर की चोट के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के लिए 40 हजार रुपए मांगे थे। मरीज के बेटे ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड को वैध नहीं बताकर नकद भुगतान की मांग की। परिजनों का कहना है कि पैसे देने के बाद भी मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि उनका पैर और खराब हो गया। डॉक्टर बोले- मरीज पहले से गंभीर हालत में था परिजनों ने बताया कि कमर की चोट के लिए लाए गए मरीज के पैर की समस्या इलाज के दौरान गंभीर हो गई। जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की, तो अस्पताल संचालक डॉ. रवि तोमर ने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी। इस सलाह से परिजन और अधिक आक्रोशित हो गए। वहीं, डॉ. रवि तोमर ने इस मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि जब मरीज को अस्पताल में भर्ती किया गया था, तब उसके शरीर में खून की कमी थी। साथ ही, मरीज का आयुष्मान कार्ड अपडेटेड नहीं था। डॉक्टर बोले- बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजा डॉ. तोमर ने यह भी बताया कि मरीज के पैर में पहले से चोट थी और उससे संबंधित कुछ आवश्यक जांच रिपोर्ट श्योपुर में उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण बेहतर इलाज के लिए उन्हें अन्य स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और अनावश्यक रूप से पैसे मांगने का आरोप दोहराया है। फिलहाल, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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कमर के इलाज में बिगड़ा मरीज का पैर: जीवन ज्योति अस्पताल में लापरवाही का आरोप; परिजनों ने किया हंगामा – Sheopur News
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