India-Sri Lanka Setu: भारत और श्रीलंका काफी करीबी पड़ोसी हैं. दोनों के बीच केवल 30 किलोमीटर की दूरी है. दोनों देशों के बीच समुद्र होने की वजह से कोई सड़क मार्ग का कनेक्शन नहीं हैं. हालांकि, कभी इतिहास में दोनों देश सड़क मार्ग से जुड़े थे. त्रेता युग में भगवान राम ने लंका पहुंचने के लिए समुद्र पर रामसेतु का निर्माण किया था. अब इतिहास अपने आप को दोहराते नजर आ रहा है. अब कलयुग में भी भारत और श्रीलंका के बीच एक आधुनिक पुल बनाने की चर्चा तेज हो गई है. श्रीलंका में भारत के राजदूत संतोष झा ने इसके लिए आवाज उठाई. उन्होंने दोनों देशों के बीच सीधे सड़क और रेल संपर्क की जोरदार वकालत की है.
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय राजदूत संतोष झा ने इस बात पर हैरानी जताते हुए कहा तमिलनाडु के रामेश्वरम और श्रीलंका के तलाईमन्नार के बीच की दूरी महज 30 किलोमीटर है, लेकिन फिर भी दोनों देशों के बीच कोई सीधा सड़क, रेल या फेरी संपर्क नहीं है. उन्होंने कहा, ‘यह एक बहुत बड़ी विसंगति है. भूमि संपर्क पर पहले भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब इसे हकीकत में बदलने का समय आ गया है.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर एक स्थायी पुल या सुरंग बन जाती है, तो यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक भूगोल को बदलकर रख देगा और श्रीलंका को एक बड़ा क्षेत्रीय हब बना देगा.
रामायण और बुद्ध से जुड़े हैं हमारे तार
राजदूत ने अपने भाषण में सिर्फ व्यापार की बात नहीं की, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका की साझेदारी केवल कूटनीतिक संधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा सभ्यता, भाषा, भोजन और परंपराओं की नींव पर खड़ी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि रामायण और बौद्ध धर्म ने दोनों देशों के लोगों को एक अटूट धागे में पिरोया है.
‘नेबरहुड फर्स्ट’ और संकट में भारत का साथ
संतोष झा ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भी भारत और श्रीलंका के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं. भारत अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, निवेशक और उसे पर्यटक भेजने वाला देश है. उन्होंने याद दिलाया कि हालिया आर्थिक संकट से उबरने में भारत ने श्रीलंका की किस तरह से मदद की थी. हालांकि, उन्होंने यह भी सलाह दी कि भविष्य में बार-बार आपातकालीन सहायता की जरूरत न पड़े, इसके लिए दोनों देशों को व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में मिलकर एक मजबूत ढांचा तैयार करना होगा.
डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी पर जोर
केवल सड़क संपर्क ही नहीं, भारतीय राजदूत ने ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि बिजली इंटरकनेक्शन और पेट्रोलियम पाइपलाइन से श्रीलंका को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा मिल सकती है. साथ ही भारत का डिजिटल प्लेटफॉर्म श्रीलंका के डिजिटल कायाकल्प में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है. अंत में उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाने चाहिए.
भारत और श्रीलंका के बीच प्रस्तावित ‘लैंड ब्रिज’ किन दो स्थानों को जोड़ेगा?
यह पुल भारत के रामेश्वरम को श्रीलंका के तलाईमन्नार से जोड़ेगा.
रामेश्वरम (भारत) और तलाईमन्नार (श्रीलंका) के बीच समुद्र की दूरी लगभग कितनी है?
इन दोनों स्थानों के बीच की दूरी मात्र 30 किलोमीटर है.
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भारत-श्रीलंका को जोड़ने वाले प्राचीन पुल का क्या नाम है?
रामसेतु, जिसका जिक्र रामायण में मिलता है.
भारत और श्रीलंका के बीच किन दो धर्मों और महाकाव्यों का गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है?
रामायण और बौद्ध धर्म का.

