Saturday, April 11, 2026
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कलेक्टरों की रिपोर्ट, 74.41 प्रतिशत गणना पत्रक बंटे: सीईओ ने बुलाई रिपोर्ट, कहा-डिस्ट्रीब्यूशन के बाद डिजिटाइजेशन पर फोकस करें; अब बूथ से ही होगा बीएलए – Bhopal News



कलेक्टरों से साथ वर्चुअल मीटिंग करते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन। (फाइल फोटो)

चुनाव आयोग के आदेश पर मध्य प्रदेश में की जा रही एसआईआर की हर 3 घंटे में रिपोर्ट ली जा रही है। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में अब तक 74.41 प्रतिशत गणना पत्रक मतदाताओं को बांटे जा चुके हैं।

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार झा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अब गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में गणना रिपोर्ट का अद्यतन और पारदर्शी डिजिटलीकरण प्राथमिकता के साथ पूरा करें।

वार्डों में एसआईआर हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश

सीईओ संजीव कुमार झा ने इस संबंध में प्रदेशभर के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक भी की। बैठक में उन्होंने मतदाताओं तक शीघ्रता से गणना पत्रक पहुंचाने के निर्देश दिए। झा ने कहा कि सभी नगर निगम क्षेत्रों के वार्डों में एसआईआर हेल्प डेस्क बनाए जाएं, ताकि मतदाताओं को फार्म भरने और अन्य आवश्यक जानकारी में सहयोग मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का है और सभी जिला निर्वाचन अधिकारी इसे गंभीरता एवं तत्परता से पूरा करें।

बीएलए की नियुक्ति मापदंड में संशोधन

आयोग ने बूथ स्तर अभिकर्ता (BLA) की नियुक्ति के मापदंडों में संशोधन किया है। अब किसी भी व्यक्ति को बीएलए नियुक्त करने के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह संबंधित बूथ की विधानसभा का पंजीकृत मतदाता हो। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आयोग ने यह बदलाव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान पारदर्शिता बढ़ाने और गलत प्रविष्टियों को रोकने के उद्देश्य से किया है।

हर भाग के लिए एक बीएलए नियुक्त किया जा सकेगा

संजीव झा ने बताया कि आयोग के नए निर्देशों के तहत, मतदाता सूची के प्रत्येक भाग (Part) के लिए एक बूथ एजेंट (BLA) राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएलए उसी मतदाता सूची का पंजीकृत मतदाता होना चाहिए, जिसके लिए उसे नियुक्त किया गया है। यदि ऐसा व्यक्ति उपलब्ध नहीं है, तो उसी विधानसभा क्षेत्र का कोई पंजीकृत मतदाता बीएलए के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान में करेगा मदद

सीईओ झा ने कहा कि बीएलए की मुख्य भूमिका उस भाग की मतदाता सूची का गहन निरीक्षण करना होगी, जिसके लिए उसे नियुक्त किया गया है। बीएलए अपने क्षेत्र में मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान कर निर्वाचन कार्यालय को जानकारी देगा, जिससे मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।



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