मौसमी बीमारियों को देखते हुए कलेक्टर अल्पा चौधरी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली।
मौसमी बीमारियों को देखते हुए कलेक्टर अल्पा चौधरी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। बैठक में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल फीवर की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाई गई।
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कलेक्टर ने गांव और शहरी क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, सफाई और एंटी लार्वा गतिविधियों के निर्देश दिए। अस्पतालों में जांच और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। मां योजना की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी बीसीएमओ को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार इस योजना से वंचित न रहे। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से हर घर तक योजना का लाभ पहुंचाने को कहा। इससे बीमार व्यक्तियों को सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज मिल सकेगा।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एस.पी. शर्मा, आरसीएचओ डॉ. रितेश संखला, डीटीओ डॉ विवेक जोशी समेत जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी और सभी बीसीएमओ उपस्थित रहे।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने सभी बीसीएमओ एवं चिकित्सकों कों कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि ओपीडी एवं अस्पताल में बैठकर बाहर से दवाई या जांच लिखने की शिकायत नहीं आनी चाहिए। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो कठोर कार्यवाही की जाएगी।
साफ सफाई रखने के निर्देश
सभी संस्था प्रभारियों को निर्देश दिए कि सभी हॉस्पिटल में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा गर्भवती माताओं की प्रथम तीन माह में पंजीकरण एवं कम से कम चार एएनसी जांच , संस्थागत प्रसव करने पर विशेष जोड़ दिया गया। जननी सुरक्षा योजना (JSY) के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर बैंक खाता खुलवाएं, जिससे प्रसव उपरांत तुरंत उसके खाते में राशि स्थान्तरित की जा सके।

