रितु बराला से मारपीट के मामले में जयपुर में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर मंगलवार को दिनभर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई बड़े नेता कमिश्नरेट कार्यालय के अंदर डटे रहे। देर रात डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रताप सिंह खाचरियावास, रितु बराला सहित कांग्रेस के कई नेता कमिश्नरेट परिसर में बिस्तर लगाकर रात गुजारते रहे। सोमवार रात से शुरू हुआ उनका धरना बुधवार को भी जारी है। कांग्रेस की मांग थी कि रितु बराला की शिकायत पर जयपुर में अलग से FIR दर्ज की जाए। दिल्ली में दर्ज FIR को लेकर पुलिस-कांग्रेस आमने-सामने उल्लेखनीय है कि जयपुर पुलिस ने रितु बराला की शिकायत पर अलग FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर अजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में 13 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम को लेकर कनॉट प्लेस थाने में केस दर्ज है। रितु बराला की शिकायत भी उसी मामले में शामिल कर जांच की जा रही है। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस के इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस बताए कि दिल्ली में कौनसी FIR दर्ज है। उन्होंने कहा कि जयपुर में दर्ज कराई जाने वाली शिकायत पहली FIR होगी, जबकि दिल्ली में दर्ज FIR का कंटेंट अलग है। इस दौरान डोटासरा ने कांग्रेस नेताओं से पूछा कि जयपुर पुलिस कमिश्नर कहां मिलेंगे। इस पर एक नेता ने जवाब दिया—भाजपा के बाड़े में। कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की, हल्का बल प्रयोग वहीं मंगलवार रात 11 बजे प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ा। इससे पहले कमिश्नरेट परिसर में मौजूद पत्रकार लाठीचार्ज की कवरेज करने के लिए बाहर निकले थे, लेकिन उन्हें दोबारा कार्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया। राहुल गांधी के फोन के बाद कमिश्नरेट पहुंचे थे डोटासरा दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डोटासरा को फोन कर रितु बराला के मामले में जयपुर में FIR दर्ज कराने को कहा था। इसके बाद डोटासरा सोमवार शाम करीब 6:15 बजे पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत पर अलग FIR दर्ज करने की मांग की। मंगलवार शाम को वैभव गहलोत भी कमिश्नरेट परिसर पहुंचे। इसके बावजूद FIR दर्ज करने को लेकर पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पाई।
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