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90 के दशक में जब रोमांटिक फिल्मों का दौर अपने चरम पर था, तब एक चेहरा ऐसा आया जिसने अपनी पहली ही फिल्म से लाखों दिलों पर राज कर लिया. लंबा कद, आकर्षक व्यक्तित्व, घुंघराले बाल और मासूमियत से भरी मुस्कान, राहुल रॉय उस दौर के युवाओं के लिए रोमांस का नया चेहरा बन गए थे.
नई दिल्ली. फिल्म ‘आशिकी’ ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया और उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि हर तरफ सिर्फ उन्हीं की चर्चा होती थी. लेकिन शोहरत की दुनिया जितनी तेज रोशनी देती है, उतनी ही जल्दी छीन भी लेती है.समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री बदली, नए चेहरे आए और राहुल रॉय का करियर धीरे-धीरे सुर्खियों से दूर होता चला गया.

राहुल रॉय ने कभी काम से दूरी नहीं बनाई, लेकिन पहले जैसी चमक बरकरार नहीं रख सके. हाल के दिनों में राहुल रॉय सोशल मीडिया पर कुछ कंटेंट क्रिएटर्स के साथ रील्स में नजर आए, जिसके बाद इंटरनेट पर उन्हें लेकर कई तरह की टिप्पणियां शुरू हो गईं. कुछ लोगों ने इसे उनका संघर्ष माना, तो कई यूजर्स ने इसे उनका डाउनफॉल कहकर मजाक उड़ाया.

सोशल मीडिया पर बढ़ती आलोचनाओं के बीच राहुल रॉय ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी. आमतौर पर शांत और सौम्य नजर आने वाले अभिनेता ने इस बार ट्रोलर्स को स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने बताया कि वह जो भी काम कर रहे हैं, पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ कर रहे हैं.
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उनके मुताबिक, जिंदगी में कुछ कानूनी और निजी जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए उन्हें काम करना जरूरी है. उन्होंने यह भी साझा किया कि ये परेशानियां नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से उनके साथ हैं.राहुल ने अपने संदेश में साफ कहा कि मेहनत करके कमाना कभी शर्म की बात नहीं हो सकती.

वो कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी परिस्थितियों से लड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, तो उसका मजाक उड़ाना उस व्यक्ति की नहीं, बल्कि आलोचना करने वालों की सोच को दर्शाता है. उन्होंने ट्रोल करने वालों से यह भी कहा कि यदि सच में उन्हें उनकी स्थिति की चिंता है, तो उन्हें बेहतर अवसर दिलाने में मदद करें, बजाय उनका मजाक बनाने के.

ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर चुके राहुल रॉय के लिए काम सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का माध्यम भी है. उनका मानना है कि जब तक इंसान काम करता रहता है, तब तक वह खुद को मजबूत और जिम्मेदार महसूस करता है. यही वजह है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने हार मानने के बजाय सक्रिय रहने का रास्ता चुना.

राहुल रॉय ने महेश भट्ट की फिल्म आशिकी से एक्टिंग डेब्यू किया था. इस फिल्म में वो अनु अग्रवाल के साथ नजर आए थे. इस रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म की सफलता से दोनों रातोंरात स्टार बन गए थे.हालांकि इसे किस्मत कहें या कुछ और दोनों ही सुपरस्टार होने के बाद भी गुमनामी के अंधेरे में खो गए.

