लखीसराय के नया बाजार स्थित पथला घाट पर किऊल नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे सैकड़ों महादलित परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ का पानी कई कच्चे घरों में घुसने के बाद पूरी तरह डूब गया। घरों में रखा कपड़ा, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पानी में खराब हो गया। कई परिवारों के सामने अब रहने के साथ भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… कच्चे घरों में घुसा बाढ़ का पानी किऊल नदी में पानी बढ़ने के बाद पथला घाट के किनारे बसे परिवारों के घरों में पानी घुस गया। लगातार बढ़ते पानी के कारण कई कच्चे मकान पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों के मुताबिक घर में रखा कपड़ा, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पानी में खराब हो गया। कुछ सामान पानी के बहाव में बह जाने की भी बात कही जा रही है। नगर परिषद के आश्रय स्थल में ली शरण घर डूबने के बाद प्रभावित परिवारों ने फिलहाल नगर परिषद के आश्रय स्थल में शरण ली है। यहां परिवार किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं। भोजन और जरूरी सामान का संकट बाढ़ से बेघर हुए लोगों का कहना है कि उनके सामने रहने की समस्या के साथ भोजन और रोजमर्रा के जरूरी सामान का भी संकट है। प्रभावित परिवारों को राहत के लिए प्रशासन से उम्मीद। आश्रय स्थल में रह रहीं प्रभावित महिलाओं ने बताया कि आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि उन्हें अभी तक नहीं मिली है। परिवारों ने जल्द सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग बाढ़ प्रभावित महादलित परिवारों ने प्रशासन से राहत सामग्री, भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही आपदा सहायता राशि जल्द देने की गुहार लगाई है।
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