भागलपुर में एक महिला किराएदार ने घर पर 16 साल से कब्जा कर रखा था। न रेंट दे रही थी और न ही घर खाली कर रही थी। मकान मालिक ने काफी कोशिश की पर कोई फायदा नहीं हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने रविवार को मका
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दरअसल, विजय कुमार शाह की मां विमला देवी का मकान किराए पर महावरी देवी को दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने विमला देवी के पक्ष में फैसला सुनाया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मंडरोजा स्कूल के पास का है।
मकान मालिक विजय कुमार शाह।
2009 से कब्जा कर रखा था
रविवार को जिला प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मकान को खाली कराया। इस दौरान विरोध भी हुआ और थोड़ी देर के लिए हंगामा की स्थिति बन गई, लेकिन पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर लिया।
मकान मालिक विजय कुमार शाह ने बताया कि 2009 से मकान पर अवैध कब्जा था। कई बार समझाने के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया गया। कोर्ट के आदेश पर आज मकान को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
बिना नोटिस के मकान खाली कराया
वहीं, किराएदार महावरी देवी का कहना था कि 2009 से यहां रह रही हूं। विमला देवी की मृत्यु के बाद बिना नोटिस दिए जिला प्रशासन ने मकान खाली कराया।
मकान खाली करवाने के दौरान उनके परिवार के कुछ सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं, घर में सिर्फ महिलाएं थी। हालांकि विरोध और हंगामे के बावजूद जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मकान को कब्जा मुक्त करा दिया।

