Rented AC: गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है और ऐसे में घरों में कूलर से लेकर AC की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी होता है। कई घरों में एसी खरीदने की बजाए उसे किराए पर यानी रेंट पर लेकर यूज करने का ट्रेंड देखा जाता है। ये काफी पॉपुलर तरीका है और जिन लोगों का एक जगह पर रहना तय ना हो या ट्रांसफर होता रहता हो तो उनके लिए किराए पर एसी लेना फायदे का सौदा हो सकता है। इसके अलावा जो लोग किराए पर घर लेकर रहते हैं और शेयर्ड फ्लैट जैसे सिस्टम में रहते हैं तो उनके लिए भी किराए का एसी लेकर यूज करना ज्यादा समझदारी का काम हो सकता है। हालांकि रेंट पर एसी लेते समय कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है जिसके जरिए आप अपनी जेब पर बोझ बढ़ने के डर को कम कर सकते हैं और आपकी सेफ्टी को भी बरकरार रख सकते हैं।
एसी के रेंट एग्रीमेंट का ध्यान रखें
किराए पर एसी लेते समय एग्रीमेंट, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस यानी इसकी सर्विसिंग की शर्तों को ध्यान से पढ़ना बहुत ज़रूरी है। इसके आधार पर ही आप अच्छे रेंटेड एसी का चुनाव कर सकते हैं। एग्रीमेंट पहले से कर लें और इसमें सभी जरूरी शर्तों के बारे में साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि कब से कब तक के लिए एसी आपके यहां लगेगा। इंस्टॉलेशन का खर्चा और सीजन खत्म होने के बाद इसको निकालने का खर्चा कितना होगा और इसे कौन उठाएगा जैसी बातों के बारे में पहले से ही क्वियर कर लीजिए।
एसी कितना पुराना है, इसकी जानकारी
किराए पर जो एसी ले रहे हैं वो ज्यादा पुराना हो गया हो तो बिजली की खपत अधिक करेगा लिहाजा ऐसा एसी लेने से बचें।
कमरे के साइज के मुताबिक लें एसी
कमरे के साइज के अनुसार (120-180 वर्गफुट के लिए 1.5-टन) वाला एसी चुनें और स्टार रेटिंग यानी कम बिजली खपत करने वाला फीचर जरूर देखें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको एसी चलाने की सहूलियत तो मिल जाएगी लेकिन बिजली का बिल जोरदार रफ्तार से बढ़ सकता है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट व सेफ्टी फीचर्स
एसी का सिक्योरिटी डिपॉजिट 2-5 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए क्योंकि यही ठीक रेट है. इसके साथ ही भरोसेमंद वेंडर का चुनाव करें। एसी के सुरक्षा फीचर्स सही हैं व इसकी रेगुलर सर्विसिंग होती रही है, ये सुनिश्चित करने के बाद ही इसे रेंट पर लेने का फैसला करिए ताकि ये घर की सेफ्टी के लिए खतरा ना बने और इसमें शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट जैसा डर ना हो।
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