Friday, October 16, 2026
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कुंटू सिंह के नाम पर हो रही थी रंगदारी वसूली: आजमगढ़ पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध दर्ज किया मुकदमा, आजीवन कारावास की सजा काट रहा है माफिया – Azamgarh News




आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के नाम पर कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की है। जीयनपुर थाने के प्रभारी संजय सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। जिलाधिकारी की ओर से अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपियों की पहचान अब्दुल हई पुत्र इलियास, सरफराज उर्फ अशहद पुत्र अब्दुल हई, फैसल खान पुत्र अनवर और सोएब पुत्र अनवर के रूप में हुई है। चारों आरोपी जीयनपुर थाना क्षेत्र के अतरकच्छा बरडीहा गांव के निवासी बताए गए हैं। तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप
मामले की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी। गांव निवासी कारोबारी अब्दुल रहमान ने आरोप लगाया था कि चारों आरोपियों ने उनसे तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रुपये नहीं देने पर हत्या कराने की धमकी दी गई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, डर के कारण उन्होंने 6 अक्टूबर 2024 को सरफराज उर्फ अशहद को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद 18 अक्टूबर को अतरकच्छा कब्रिस्तान के सामने रास्ते पर अन्य आरोपियों को दो लाख रुपये देने का आरोप लगाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपी कथित तौर पर ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के लिए काम करने और उसके मुकदमे के खर्च के लिए रुपये की जरूरत होने की बात कहते हुए अतिरिक्त धन की मांग कर रहे थे। 2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में शिकायत के आधार पर जीयनपुर थाने में मुअसं 480/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ 15 जुलाई 2025 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ की अदालत में विचाराधीन बताया गया है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए 12 फरवरी 2026 को गैंग चार्ट तैयार कर भेजा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी की संयुक्त बैठक के बाद 21 अगस्त 2026 को गैंग चार्ट को मंजूरी दी गई।
इसके आधार पर 16 अक्टूबर 2026 को जीयनपुर थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2(b)(i) और 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियां जनपद स्तर पर सक्रिय थीं और उसके भय के कारण लोग शिकायत करने या गवाही देने से कतराते थे। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



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