Sunday, August 2, 2026
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कोहली-डिविलियर्स से लेकर हरभजन-युवराज, क्रिकेट जगत में मिसाल है इन क्रिकेटर्स की दोस्ती


भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर एबी डिविलियर्स क्रिकेट जगत में सबसे फेमस दोस्त हैं. दोनों के बीच अच्छा बांड है, वह एक दूसरे से बाते शेयर करते हैं और ख़ास मौकों पर सोशल मीडिया पर एक दूसरे को बधाइयां भी देते हैं. दोनों आईपीएल में आरसीबी के लिए खेल चुके हैं, इस बार डिविलियर्स सिर्फ आरसीबी का फाइनल मैच देखने के लिए भारत आए थे.

पूर्व कप्तान एमएस धोनी और सुरेश रैना के बीच भी अटूट रिश्ता है, दोनों अच्छे दोस्त हैं और अंतर्राष्ट्रीय मैचों के साथ आईपीएल में कई सालों तक साथ खेले हैं. जिस समय धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (15 अगस्त 2020) लिया था, उसके कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था.

पूर्व कप्तान एमएस धोनी और सुरेश रैना के बीच भी अटूट रिश्ता है, दोनों अच्छे दोस्त हैं और अंतर्राष्ट्रीय मैचों के साथ आईपीएल में कई सालों तक साथ खेले हैं. जिस समय धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (15 अगस्त 2020) लिया था, उसके कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था.

हरभजन सिंह और युवराज सिंह के बीच दोस्ती बहुत गहरी है, दोनों एक दूसरे को दोस्त से बढ़कर भाई की तरह मानते हैं और सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार भी करते हैं. दोनों कई सालों तक साथ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेले, दोनों ही भारत की T20 (2007) और ODI वर्ल्ड कप (2011) विजता टीम का हिस्सा रहे.

हरभजन सिंह और युवराज सिंह के बीच दोस्ती बहुत गहरी है, दोनों एक दूसरे को दोस्त से बढ़कर भाई की तरह मानते हैं और सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार भी करते हैं. दोनों कई सालों तक साथ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेले, दोनों ही भारत की T20 (2007) और ODI वर्ल्ड कप (2011) विजता टीम का हिस्सा रहे.

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बीच गहरी दोस्ती साथ क्रिकेट खेलते हुए बनी, जो दोनों के रिटायरमेंट के बाद तक भी वैसी की वैसी ही रही. दोनों एक दूसरे का खूब सम्मान करते हैं और सिर्फ यही एक दूसरे की टांग भी खींच सकते हैं. द्रविड़ का भी इन दोनों के साथ अच्छा बांड रहा, जो आज भी है.

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बीच गहरी दोस्ती साथ क्रिकेट खेलते हुए बनी, जो दोनों के रिटायरमेंट के बाद तक भी वैसी की वैसी ही रही. दोनों एक दूसरे का खूब सम्मान करते हैं और सिर्फ यही एक दूसरे की टांग भी खींच सकते हैं. द्रविड़ का भी इन दोनों के साथ अच्छा बांड रहा, जो आज भी है.

विराट कोहली और इशांत शर्मा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से पहले ही एक दूसरे को जानते थे, बल्कि जब कोहली को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में जगह मिलने की सुचना मिली तो इशांत ही थे जो उनके साथ मौजूद थे. कोहली और इशांत आज भी जब एक दूसरे से मिलते हैं या मैदान पर आमना सामना होता है तो वो दोस्ती साफ़ नजर आती है.

विराट कोहली और इशांत शर्मा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से पहले ही एक दूसरे को जानते थे, बल्कि जब कोहली को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में जगह मिलने की सुचना मिली तो इशांत ही थे जो उनके साथ मौजूद थे. कोहली और इशांत आज भी जब एक दूसरे से मिलते हैं या मैदान पर आमना सामना होता है तो वो दोस्ती साफ़ नजर आती है.

भारतीय क्रिकेटर्स में दोस्ती की बात होगी तो एक जोड़ी को कभी नहीं भुलाया जाएगा, वो है सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही इन दोनों की दोस्ती के चर्चे होने लगे थे, उनके बीच 664 रनों की साझेदारी ने सभी का ध्यान उनकी ओर खींचा. दोनों ने रमाकांत आचरेकर की कोचिंग में क्रिकेट के गुर सीखे. कांबली का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट ज्यादा समय तक नहीं चला जबकि सचिन ने 24 साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला और क्रिकेट के भगवान का दर्जा पाया.

भारतीय क्रिकेटर्स में दोस्ती की बात होगी तो एक जोड़ी को कभी नहीं भुलाया जाएगा, वो है सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही इन दोनों की दोस्ती के चर्चे होने लगे थे, उनके बीच 664 रनों की साझेदारी ने सभी का ध्यान उनकी ओर खींचा. दोनों ने रमाकांत आचरेकर की कोचिंग में क्रिकेट के गुर सीखे. कांबली का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट ज्यादा समय तक नहीं चला जबकि सचिन ने 24 साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला और क्रिकेट के भगवान का दर्जा पाया.

Published at : 03 Aug 2025 01:42 PM (IST)

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