ऋषभ सिंह संब्याल का नाम अब हर बच्चा जान चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी पद से इस्तीफा दे दिया है और हाल ही में वह राज शमानी के पॉडकास्त में पहुंचे। यहां पर उन्होंने फिटनेस को लेकर कई बातें बताई, जो हम आपको बताने जा रहे हैं।
आर्मी ऑफिसर्स को काफी कड़ी ट्रेनिंग के साथ तैयार किया जाता है और इस बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एड-डि-कैंप (एडीसी) मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने खुलकर बताया। ऋषभ ने 30 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया और हाल ही में वह राज शमानी के पॉडकास्ट में पहुंचे, जहां पर उन्होंने फिटनेस, ट्रेनिंग और अपनी जॉब के बारे में खूब सारी बातें कीं। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें फिट रहने के लिए छोटे-छोटे टास्क को फॉलो करना पड़ता है और कड़ी मेहनत के बाद वह फिटनेस के सभी पैरामीटर्स को पार कर पाते हैं। इतना ही नहीं हर दिन अपनी फिटनेस को मेंटेन करने के लिए भी उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आप देश के सबसे बड़े आदमी की सुरक्षा में तैनात हैं, तो जाहिर है कि आपको पहले अपनी सेहत-फिटनेस का ख्याल रखना होगा। चलिए आपको ऋषभ सिंह के फिटनेस के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।
70-80 किलो वजन उठाना पड़ता है
जिन लोगों को ये नौकरी और रुतबा काफी आरामदायक और लग्जरी लगती हैं, उन्हें बता दें कि ट्रेनिंग के दौरान करीब 70-80 किलो वजन उठाकर चलना पड़ता है। ऐसी ट्रेनिंग के पीछे का मकसद होता है कि कभी ऐसी नौबत आ जाए कि किसी को कैरी करके चलना पड़े तो आप आसानी से चल सके। उसके लिए बकायदा हर दिन इतने वजन के साथ ट्रेनिंग दी जाती है।
30 दिनों तक ना नींद ना खाना
सिर्फ वजन उठाना ही फिटनेस ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं होता बल्कि 30-40 दिनों तक बिना खाना और नींद के भी रहना पड़ता है। अगर कभी ऐसी स्थिती आ जाए, जिसमें सोने या खाने को कुछ न मिले, तो आप कैसे सर्वाइव करेंगे इस ट्रेनिंग में यही सिखाया जाता है। आर्मी में सभी ऑफिसर को इस चीज की ट्रेनिंग दी जाती है।
गोलाकार में लगानी है दौड़
ऋषभ सिंह ने बताया कि फिटनेस ट्रेनिंग के दौरान गोलाकार ट्रैक होता है जो करीब 1 किमी का बना होता है। इसमें हमें दौड़ लगानी होती है, सिर्फ दौड़ ही नहीं लगानी होती बल्कि आस-पास छिपी चीजों पर फोकस भी करना पड़ता है। ऐसे समझ लीजिए कि आपको दौड़ते समय आपके आस-पास क्या है जैसे पेड़, कोई चीज, कितनी बेंच इन सबको भी देखना होगा। इस ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि हर बारीक चीज पर ध्यान कैसे दिया जा सकता है।
खेलकूद और वर्कआउट है जरूरी
राष्ट्रपति के एडीसी के लिए रोजाना वर्कआउट करना और कोई एक खेल खेलना भी जरूरी है। इससे वह फिजिकली एक्टिव रहते हैं और शरीर फिट बना रहता है। रोजाना रनिंग-वॉकिंग भी रूटीन का खास हिस्सा होती है। इन सभी चीजों को बिना किए आपको एक भी दिन नहीं बीत सकता।
डाइट भी रहती है फिक्स
फिटनेस के लिए एडीसी ऑफिसर्स की डाइट भी काफी बैलेंस रहती है, जिसमें ज्यादा चिकनाई या मीठे व्यंजन नहीं होते। डाइट थोड़ी कम ही रहती है, जिससे हल्की भूख पेट में बची रहे और नींद या सुस्ती न लगे। राष्ट्रपति की सुरक्षा में जरा सी चूक भारी पड़ सकती है।

