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How to make Bengali Mishti Doi Recipe at Home 2026: बंगाल की प्रसिद्ध मिष्टी दोई को अब घर पर बनाना आसान है. फुल फैट दूध को गाढ़ा करके और चीनी के कैरेमल के साथ मिलाकर इसे मिट्टी के बर्तन में जमाया जाता है, जिससे यह बाजार जैसी स्वादिष्ट और क्रीमी बनती है.
पाली: अब तक आपने बंगाली मिठाइयों का नाम सुना होगा और उनका आनंद भी लिया होगा, लेकिन कई बार प्रसिद्ध मिठाइयों को खाने के लिए बंगाल जाने की इच्छा अधूरी रह जाती है. आपकी इसी चाहत को पूरा करने के लिए हम लेकर आए हैं एक खास रेसिपी, जिससे आप बंगाल की विश्वविख्यात ‘मिष्टी दोई’ को अपने घर पर बेहद आसानी से बना सकते हैं. यह रेसिपी इतनी सरल है कि आप सिर्फ दूध, दही और कैरेमल का इस्तेमाल कर एक ऐसी मिठाई तैयार करेंगे, जिसे खाकर आपके परिवार वाले आपकी प्रशंसा करते नहीं थकेंगे.
मिष्टी दोई न केवल अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है, बल्कि इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी रसोई में आसानी से उपलब्ध हो जाती है. इस पारंपरिक मिठाई को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से फुल फैट दूध, ताज़ा दही और चीनी के कैरेमल की आवश्यकता होती है. बंगाल की इस विरासत को घर पर उतारने के लिए सबसे पहले आपको दूध के चयन पर ध्यान देना होगा. बेहतर परिणामों के लिए भैंस के गाढ़े दूध का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है.
दूध को गाढ़ा करने की प्रक्रिया
मिष्टी दोई बनाने की शुरुआत दूध को उबालने से होती है. एक भारी तले वाले बर्तन में दूध को डालें और गैस पर गर्म करें. इस दौरान दूध को लगातार चलाते रहें ताकि वह बर्तन के नीचे न जले. दूध को लगभग 8 से 10 मिनट तक मध्यम आंच पर उबालें जिससे वह थोड़ा गाढ़ा हो जाए. इसी बीच 150 से 200 ग्राम दही को एक बारीक छन्नी में डालकर रख दें ताकि उसका अतिरिक्त पानी निकल जाए और आपको गाढ़ा दही प्राप्त हो सके.
कैरेमल तैयार करने की विधि
इस मिठाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कैरेमल है, जो इसे विशिष्ट रंग और सोंधापन देता है. कैरेमल बनाने के लिए एक स्टेनलेस स्टील का पैन लें और उसमें तीन बड़े चम्मच चीनी डालें. इसे मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पिघलने दें. ध्यान रहे कि आंच तेज न हो वरना चीनी जलकर कड़वी हो सकती है. जब चीनी पूरी तरह मेल्ट होकर गहरे सुनहरे रंग की हो जाए, तो इसमें पहले से उबाला हुआ दूध धीरे-धीरे डालें और अच्छी तरह मिलाएं.
मिट्टी के बर्तन में ऐसे सेट करें दोई
जब दूध और कैरेमल का मिश्रण तैयार हो जाए, तो इसे थोड़ा गुनगुना होने दें. अब पानी निकले हुए दही को अच्छी तरह फेंटकर स्मूथ बना लें और गुनगुने दूध में दो बड़े चम्मच दही डालकर मिक्स करें. अब इस मिश्रण को मिट्टी के बर्तन में डालें, क्योंकि मिट्टी के बर्तन में मिष्टी दोई का स्वाद सबसे बेहतरीन आता है. बर्तन को फॉइल पेपर से कवर करें और किसी गर्म जगह पर 7 से 10 घंटे के लिए छोड़ दें. अच्छी तरह सेट होने के बाद इसे 3-4 घंटे के लिए फ्रिज में रखें और फिर ठंडी-ठंडी मिष्टी दोई का आनंद लें.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

