रामबाग गोल्फ क्लब के सदस्य आदित्य पूनिया राजस्थान के सबसे युवा इंटरनेशनल गोल्फ रेफरी बन गए हैं। ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स गोल्फ रिजॉर्ट में आयोजित परीक्षा में आदित्य ने यह उपलब्धि हासिल की। इसमें 90 मिनट की परीक्षा, तीन सेक्शन, ऑन-कोर्स प्रैक्टिकल
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आदित्य का कहना है कि उन्होंने इस एग्जाम की तैयारी दिल्ली, बेंगलुरु और नोएडा में सेमिनारों के बाद शुरू की। वे रोजाना 4-5 घंटे नियमों और प्रैक्टिकल पढ़ाई में देते थे। R&A की रूल बुक को उन्होंने कई बार पढ़ा। राजस्थान में इंटरनेशनल रेफरी पहले भी रहे हैं, लेकिन आदित्य सबसे युवा हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा अचीवमेंट है।
बाहर से रेफरी बुलाने की जरूरत नहीं
इंटरनेशनल सर्टिफाइड रेफरी बनने के बाद अब राजस्थान और रामबाग गोल्फ क्लब को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टूर्नामेंट आयोजित करने में आसानी होगी। अक्सर ऐसे टूर्नामेंट में बाहर से रेफरी बुलाने पड़ते थे। अब ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आदित्य को IGPL की ओर से भी ऑफर मिला है। अगले माह अहमदाबाद में होने वाली प्रतियोगिता में उन्हें आधिकारिक रूप से रेफरी की भूमिका निभानी है।
पिता ने दिखाया गोल्फ का रास्ता
आदित्य ने बताया कि बचपन में वे सुराणा एकेडमी से क्रिकेट खेलते थे, लेकिन पिता देवेंद्र सिंह पूनिया ने उन्हें गोल्फ अपनाने की प्रेरणा दी। शुरुआत में यह खेल सुस्त लगा, लेकिन धीरे-धीरे इसमें निखार आता गया। 18 साल की उम्र में गोल्फ शुरू किया और डेढ़ साल में ही कॉरपोरेट लीग का हिस्सा बन गए। वे रामबाग में तीन बार लीग जीतने वाले इकलौते सदस्य हैं। दो बार कैप्टन और एक बार वाइस कैप्टन के रूप में।

