विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे को लेकर सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लचीली जांच को लेकर गहरी नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए और केस डायरी पेश की। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जांच की दिशा और गंभीरता पर सवाल उठाते हुए असंतोष व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा कि यदि जांच की स्थिति ऐसी ही है तो फिर यह मामला किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की आवश्यकता क्यों न समझी जाए। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित एसीपी को स्वयं अगली सुनवाई में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी कोर्ट सख्त सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में यह बात भी आई कि हादसे से जुड़ी बोरिंग मशीन और वाहन को जिला कोर्ट द्वारा वाहन मालिक की सुपुर्दगी में दिए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इस तथ्य पर भी कोर्ट ने पुलिस जांच परसवाल उठाए और जांच अधिकारी से जवाब मांगा कि जांच लंबित रहने के दौरान इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने संकेत दिए कि मामले की जांच में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। जांच की प्रक्रिया और उसकी गति पर भी सवाल खड़े किए। पीड़ितों के अंतरिम मुआवजे पर मांगी सरकार की नीति हादसे में झुलसे पीड़ितों को अब तक राहत राशि नहीं मिलने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान उठा। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा कि ऐसे हादसों में पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा देने के संबंध में सरकार की क्या नीति है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक शासन इस संबंध में अपना स्पष्ट पक्ष और नीति कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की है। इस दौरान एसीपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने, जांच की प्रगति से अवगत कराने और मुआवजा नीति पर शासन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
Source link
गैस पाइपलाइन हादसा: हाईकोर्ट ने जांच पर जताई नाराजगी: ACP को किया तलब, केस डायरी देखकर बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी उठाए सवाल – Indore News
RELATED ARTICLES

