ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश का इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है और मानसून की टर्फ लाइन भी अपनी सामान्य स्थिति से दूर बनी हुई है। इसके कारण पश्चिमी हवाएं बिना किसी रुकावट के सीधे गुजर रही हैं, जिससे अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है। इसका असर शहरवासियों और किसानों दोनों पर पड़ रहा है। बीते रविवार को दिनभर बादलों और धूप की आंख-मिचौली के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। सोमवार की सुबह भी उमस भरी गर्मी के साथ शुरू हुई, जिससे लोगों को तत्काल राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल ग्वालियर-चंबल संभाग के आसपास कोई चक्रवाती परिसंचरण या कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इसी वजह से मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में कोई नया वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता है, तो अच्छी बारिश की संभावना नहीं बन पाएगी। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि चौथे या पांचवें दिन परिस्थितियों में बदलाव संभव है। उस दौरान हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल, उमस और गर्मी से लोगों को तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं। बारिश न होने से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। खरीफ फसलों की बुवाई करने वाले किसान अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुवाई के समय फसलों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए किसान भाइयों को आवश्यकता पड़ने पर अलग से सिंचाई भी करनी चाहिए।
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ग्वालियर-चंबल में बारिश का इंतजार बढ़ा: कोई प्रभावी सिस्टम नहीं, किसान चिंतित, उमस से लोग बेहाल – Gwalior News
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