गोरखपुर जेल में बंद महज 21 साल का साइको किलर अजय निषाद को काले कपड़े पसंद हैं। काले कपड़े पहनकर ही महिलाओं पर हमले करता था। एक महिला की मारते-मारते जान ही ले ली थी। अजय एक बार फिर घरवालों से काले कपड़ों की डिमांड कर रहा है। जेल में भी वह अक्सर काली शर्ट
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अजय प्यार में धोखा खाने के बाद महिलाओं का दुश्मन बन गया। एक-एक कर रात के समय पांच महिलाओं पर जानलेवा हमला किया था। एक की जान भी चली गई थी। जेल जाने के बाद वह बेहद शांत हो गया है। लेकिन उसके व्यवहार में खास बदलाव नहीं आया है। पहले की तरह अब भी वह देर रात जागता रहता है। इंटरटेनमेंट के लिए वह मुंह से डीजे की आवाज निकलता है। पहले वह डीजे बजाता भी था। इसलिए उसका यह शौक अभी भी जिंदा है। जब मन करता है, बंदियों के सामने मुंह से डीजे की आवाज निकालकर सबका इंटरटेनमेंट करता है।
साइको किलर को काले कपड़े पसंद हैं
पांच महिलाओं पर हमला कर मचाया था आतंक
झंगहा के राजधानी मंगलपुर टोला का रहने वाला अजय निषाद वर्ष 2024 में एक-एक करके पांच महिलाओं पर हमले कर आतंक मचा दिया था। उस समय हालत ये थी कि झंगहा इलाके में रात के समय महिलाएं घर से बाहर निकलने से डरती थी। कई गांव में ग्रामीण रात में लाठी डंडे लेकर पहरा देते थे। करीब छह माह तक पुलिस दौड़ती रही, लेकिन आरोपी का पता नहीं चल पा रहा था।
कड़ी मशक्कत के बाद नवंबर 2024 में पुलिस ने अजय निषाद को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि वर्ष 2022 में उसकी महिला मित्र ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। जिसके बाद वह जेल गया था। जेल से छूटने के बाद चोरी की घटना को अंजाम देते समय पहली बार 30 जुलाई को झंगहा के सहसड़ाव गांव में एक महिला के सिर और चेहरे पर हमला किया था।

नवंबर 2024 में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था
इसके बाद उसे महिलाओं को मारकर खून देखना अच्छा लगने लगा। वह सूरत में पेंट पॉलिश का काम भी करता था। वारदात के बाद वह सूरत निकल जाता था। रात के समय उसे नींद नहीं आती थी। रात को नंगे पांव ही वह निकल जाता था। कोई महिला अगर बाहर सोए दिख गई। उसपर हमला कर देता था। घटना गांव में अंजाम देता था, इसलिए जल्दी वह सीसीटीवी कैमरे की जद में भी नहीं आता था।
काली शर्ट पहनकर, नंगे पांव करता था वारदात पुलिस से पूछताछ में अजय ने बताया था कि वह शनिदेव की पूजा करता है। इसलिए हमेशा काले कपड़े पहनता है। भागने में आसानी हो इसलिए नंगे पांव वारदात को अंजाम देने जाता था। यही वजह है कि जेल भेजे जाने के बाद भी काले कपड़े ही पहनता है। परिजनों से भी काले कपड़े ही लाने की मांग करता है। हालांकि जेल प्रशासन पहले दिन से ही अजय की हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। साथ ही समय-समय पर एक्सपर्ट से उसकी काउंसिलिंग भी कराई जाती है। काउंसलर का कहना है अजय पहले से काफी शांत है। जब भी उसके परिजन जेल आते हैं। उनसे यही पूछता है कि कब वह बाहर आएगा। परिजन भी हमेशा उसे आश्वासन देते हैं। सबकुछ हो गया है। बहुत जल्द बेल हो जाएगी। परिजनों का कहना है कि मेरा बेटा निर्दोष है। अभी उसकी उम्र ही कितनी है।
अजय के पांच केस
30 जुलाई 2024: झंगहा क्षेत्र में आधी रात को एक घर में घुसकर महिला को डंडे से मारकर अधमरा कर दिया।
12 अगस्त 2024: झंगहा इलाके के ही एक गांव में घुसकर बरामदे में सोई महिला के सिर पर हमला कर किया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
26 अगस्त 3024: देर रात एक घर में घुसकर चारपाई पर सोई महिला के सिर पर डंडे से वार किया। वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
10 नवंबर 2024: झंगहा क्षेत्र के एक घर में घुसकर महिला के सिर पर डंडे से जानलेवा हमला किया। कई डंडे मारने के बाद वहां से भागा।
14 नवंबर 2024: देर रात काले कपड़े में एक घर में घुसा। सोई महिला के सिर पर ठोस वस्तु से मारकर लहूलुहान कर दिया।
जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया- सभी बंदियों के व्यवहार पर ध्यान दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर इलाज भी कराया जाता है। अजय की हर गतिविधियों पर पहले दिन से नजर रखी जा रही है। वह बहुत ही सामान्य ढंग से रहता है। कभी उसकी कोई शिकायत नहीं आई है।

