वोटर बनने को ग्वालियर में लोगों की रुचि नहीं है। इसका सबूत 15 लाख आबादी वाले शहर में पिछले 10 दिन में दावे-आपत्ति के रूप में सिर्फ 39 फॉर्म जमा होना है। इनमें 21 नए नाम शामिल कराने के लिए हैं, 15 हटवाने के और 3 संशोधन वाले। यह आंकड़ा सभी 66 वार्डों का
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वोटर लिस्ट देखकर दावे-आपत्ति का काम 8 अक्टूबर से चल रहा है। इसका समापन 17 अक्टूबर को होना था। लेकिन फार्म की संख्या बेहद कम रहने के कारण अब तारीख बढ़ाकर 24 अक्टूबर कर दी गई है। हालांकि अगले 7 दिन दीपावली त्योहार में ही निकल जाएंगे।
जिले के 11 निकायों की 255 पंचायतों के 171 वार्ड में वोटर लिस्ट को लेकर दावे-आपत्ति लिए जा रहे हैं। ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय यहां 1835712 वोटर हैं।
अफसरों के बहाने- अभी निगम चुनाव नहीं {निगम वोटर लिस्ट विस से लिंक {निगम सूची से नहीं बनता वोटर कार्ड {त्योहार की व्यस्तता
ग्वालियर में वोटर बनना नहीं चाहते लोग?… इस काम को गति और व्यवस्थित कराने के लिए ही राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रेक्षक के रूप में रिटायर संभाग आयुक्त बीएम शर्मा को नियुक्त किया है। शर्मा ने शनिवार को घाटीगांव क्षेत्र के केंद्र देखे। उन्होंने जो मृतक हैं उनके नाम हटाने तथा जिनके विवाह हो गए हैं उनकी जानकारी निकाय से लेने को कहा। दोनों तरह के प्रमाण पत्र निकाय ही जारी करते हैं। और लोग भी दावे आपत्ति दे सकें, इसके लिए शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने 24 अक्टूबर तक तारीख बढ़ा दी है।
अब अफसरों के तर्क सुनिए
अभी कोई चुनाव नहीं हैं, इसलिए रुझान कम ^फॉर्म 39 नहीं ज्यादा जमा हुए हैं। सही संख्या कलेक्ट्रेट से पता चलेगी, क्योंकि काम वहीं से संचालित होता है। रुझान कम होने का कारण अभी चुनाव न होना हो सकता है। -प्रदीप श्रीवास्तव, उपायुक्त ननि
नाम जुड़वाने को हम बाध्य नहीं कर सकते ^सूची 1 जनवरी के आधार पर तैयार कर हमने निगम को दी है। अब नए लोगों के ही आवेदन आएंगे। नाम जुड़वाने हम बाध्य नहीं कर सकते हैं। साल में 4 बार नाम जुड़ते हैं। -नरेंद्र बाबू यादव, एसडीएम
आवेदन के लिए तारीख 24 तक बढ़ा दी गई है ^ड्राफ्ट पब्लिकेशन 7 को हुआ। इसके बाद दावे-आपत्ति लिए जा रहे हैं। नाम जुड़वाने के लिए भी आवेदन दे सकते हैं। अब तारीख बढ़ाकर 24 कर दी है। निराकरण 7 दिन में होगा। -भूमिजा सक्सेना, उप जिला निर्वाचन अधिकारी

