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भारत अब सिर्फ चाय और नमकीन का नहीं, बल्कि चॉकलेट का भी बड़ा बाजार बन चुका है. नेस्ले की मशहूर चॉकलेट वेफर ब्रांड किटकैट ने भारत में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि देश अब इसका सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट बन गया है. कभी 10वें स्थान पर रहने वाला भारत आज दुनिया में नंबर-1 बनकर सामने आया है.
भारत किटकैट का दुनिया में सबसे बड़ा मार्केट बना.(Image:News18)
नई दिल्ली. स्विस फूड और कन्फेक्शनरी कंपनी नेस्ले के लिए भारत अब सबसे अहम बाजारों में शामिल हो गया है. कंपनी के मुताबिक, भारत अब दुनिया में किटकैट का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है. पिछले कुछ सालों तक भारत दूसरे स्थान पर था, लेकिन लगातार बढ़ती मांग और मजबूत बिक्री के दम पर इसने अब पहला स्थान हासिल कर लिया. खास बात यह है कि करीब एक दशक पहले भारत किटकैट के लिए दुनिया का 10वां सबसे बड़ा बाजार था. इतनी तेज ग्रोथ यह दिखाती है कि भारतीय ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है और अब वे प्रीमियम व नई तरह की चॉकलेट्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
नेस्ले इंडिया के लिए बड़ी उपलब्धि बनी किटकैट
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि भारत में किटकैट की बाजार हिस्सेदारी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है. मैगी के बाद अब किटकैट कंपनी का दूसरा ऐसा ब्रांड बन गया है, जिसके लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है. कंपनी के FY26 प्रदर्शन में भी कन्फेक्शनरी बिजनेस ने शानदार ग्रोथ दिखाई. बिक्री और वॉल्यूम दोनों में हाई डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई. इससे साफ है कि सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी चॉकलेट की मांग लगातार बढ़ रही है.
नए फ्लेवर और प्रीमियम प्रोडक्ट्स ने बढ़ाई मांग
किटकैट की इस सफलता के पीछे सिर्फ पुराना स्वाद नहीं, बल्कि लगातार किए गए नए प्रयोग भी बड़ी वजह बने. कंपनी ने ग्राहकों के लिए कई नए प्रोडक्ट लॉन्च किए. गिफ्टिंग सेगमेंट में KitKat Celebreak और छोटे स्नैकिंग विकल्प के तौर पर KitKat Pops पेश किए गए. वहीं प्रीमियम ग्राहकों के लिए Salted Caramel और Hazelnut फ्लेवर के साथ KITKAT Delights रेंज लॉन्च की गई. इसके अलावा KITKAT DUO और Lemon & Lime जैसे नए फ्लेवर ने युवाओं को काफी आकर्षित किया. इन नए विकल्पों ने ब्रांड को सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं और ऑफिस जाने वाले ग्राहकों में भी लोकप्रिय बना दिया.
गांवों तक पहुंची चॉकलेट, मार्केटिंग पर भी बड़ा दांव
नेस्ले इंडिया ने सिर्फ नए प्रोडक्ट लॉन्च करने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि मार्केटिंग और वितरण नेटवर्क को भी मजबूत किया. कंपनी ने विज्ञापनों और बड़े कैंपेन पर भारी निवेश किया. इसके साथ ही विसिकूलर प्रोग्राम के जरिए दुकानों में खास ग्लास-डोर फ्रिज लगाए गए, ताकि चॉकलेट सही तापमान पर ग्राहकों तक पहुंचे. इसका फायदा ग्रामीण और छोटे शहरों में भी देखने को मिला. कंपनी का कहना है कि इससे नए प्रोडक्ट्स को तेजी से बाजार में पहुंचाने में मदद मिली. भारत जैसे गर्म मौसम वाले देश में यह रणनीति काफी सफल साबित हुई.
भारत का बदलता स्वाद बना वैश्विक कंपनियों की ताकत
नेस्ले की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने FY25 में भारत में करीब 395 करोड़ किटकैट फिंगर्स बेचीं. यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय ग्राहक अब तेजी से चॉकलेट और स्नैकिंग प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं. जापान, ब्राजील और यूरोप जैसे बड़े बाजारों को पीछे छोड़कर भारत का नंबर-1 बनना सिर्फ एक ब्रांड की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय उपभोक्ता बाजार की ताकत का संकेत है. 1930 के दशक में शुरू हुई किटकैट आज भारत में नई ऊंचाई पर पहुंच चुकी है. आने वाले समय में कंपनियां भारतीय ग्राहकों के स्वाद और पसंद को ध्यान में रखते हुए और ज्यादा निवेश कर सकती हैं, जिससे देश का कन्फेक्शनरी बाजार और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

