हमारा राज्य आदिवासी बहुल इलाका है और आदिवासियों का फेमस नाश्ता गुलगुला आज भी लोगों को खूब पसंद आता है. यही कारण है कि हर गांव और मोहल्ले में इसकी दुकान लगती है और इसे हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं. कीमत इतनी कम की कोई भी खरीद सकत है और स्वाद ऐसा कि भुलाए न भूले.
वहीं बता दें कि सोशल मीडिया पर गढ़गांव स्थित शिव मंदिर के वायरल होने के बाद पाकर चौक पर मिलने वाले यहां की लोकल फेमस मिठाई गुलगुला को भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इस मिठाई की सबसे खास बात यह है कि इसे तीखी, चटपटी सब्जी के साथ खाया जाता है. इसे बनाना भी बहुत आसान है. ये आटे और चीनी से बनायी जाती है, जिसे आप खुद भी घर में आसानी से बना सकते हैं.
स्टॉल चलाने वाले शिव कुमार यादव ने लोकल 18 को बताया कि लगभग 20-22 सालों से होटल चला रहे हैं और वे यहां का फेमस गुलगुला, धुसका, समोसा, जलेबी, पकौड़ी वगैरह बनाते हैं. ये सब बनाने की कला उन्होंने अपने पापा से सीखी है, जो पहले होटल चलाते थे. पहले वे यहां लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में दुकान लगाते थे.
लेकिन सोशल मीडिया पर गढ़गांव स्थित शिव मंदिर के वायरल होने के बाद पिछले 1 साल से गढ़गांव मंदिर के मोड़ के पास पाकर चौक पर ठेले पर अपना होटल चला रहे हैं और यहां की लोकल फेमस डिश गुलगुला मात्र ₹1 पीस परोस रहे हैं, जिसका स्वाद लोगों को बहुत पसंद आ रहा है.
इसे बहुत ही खास तरीके से बनाया जाता है. आटे में चीनी और पानी डालकर फेंटा जाता है, फिर कुछ देर छोड़ने के बाद रिफाइंड तेल में छानकर गरमा-गरम परोसा जाता है. यहां की फेमस मिठाई को तीखी सब्जी और चटनी के साथ खाया जाता है. यहां इसे मटर और चने का छोला, टमाटर की चटनी और चने की भुजिया के साथ ₹1 प्रति पीस के हिसाब से दिया जाता है. मात्र ₹10 में लोगों का पेट भर जाता है. लोग यहां खा भी लेते हैं और पैक करा कर घर भी ले जाते हैं.
10 रुपये में पेटभर नाश्ता
इनकी होटल दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहती है, लेकिन सावन महीने में सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुलती है. दुकान पर खाने पहुंचे शंभू सिंह ने बताया कि वे मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने आए थे. यहां का गुलगुला देखकर मन खुश हो गया. खाने में बहुत अच्छा लगा और कीमत भी काफी ठीक है क्योंकि इतनी महंगाई में भी यहां मात्र ₹10 में स्वादिष्ट और पेट भरने वाला नाश्ता मिल रहा है.

