अखिलेश कुमार सोनी | अमेठी जिला3 मिनट पहले
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अमेठी के सीएचसी शुकुल बाजार स्थित जन औषधि केंद्र पर दवाओं की कीमत को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए इस केंद्र पर बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर दवा बेचने का आरोप लगा है।
सेवरा निवासी वाजिद अपने नाना नईम के इलाज के लिए सीएचसी शुकुल बाजार आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां तैनात फार्मासिस्ट माता प्रसाद चौधरी ने उन्हें जन औषधि केंद्र से दवा लेने की सलाह दी और कहा कि यह दवा बाहर कहीं उपलब्ध नहीं होगी।

वाजिद के अनुसार, जन औषधि केंद्र पर उन्हें एक दवा 1150 रुपये में दी गई, जबकि दवा पर ‘जन औषधि’ अंकित नहीं था। संदेह होने पर वाजिद ने वही पर्चा बाहर एक निजी मेडिकल स्टोर पर दिखाया, जहां वही दवा मात्र 300 रुपये में उपलब्ध होने की बात कही गई।
इसके बाद पीड़ित ने सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट से शिकायत की और बताया कि अंदर व बाहर की दवा की कीमत में लगभग 800 रुपये का अंतर है। फार्मासिस्ट ने पहले यह कहते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि यह दवा केवल जन औषधि केंद्र पर ही मिलती है, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि दवा जेनेरिक है और बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

मामला बढ़ने और पूछताछ के बाद जन औषधि केंद्र से खरीदी गई दवा वापस कर दी गई। पीड़ित वाजिद ने पूरे मामले को मीडिया के सामने रखते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण ने जन औषधि केंद्रों की कार्यप्रणाली और संभावित कमीशनखोरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले पर सीएचसी अधीक्षक सुधीर वर्मा ने कहा कि यह प्रकरण गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन औषधि केंद्र पर दवाएं बाहर के मेडिकल स्टोर की तुलना में रियायती मूल्य पर उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी फार्मासिस्ट को दवा लिखने का अधिकार नहीं होता है। यदि इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

