जमुई के खैरा प्रखंड में स्थित नरियाना-मांगोबंदर पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद शुक्रवार को जमुई सांसद अरुण भारती ने पुल स्थल का निरीक्षण किया। पुल की जर्जर स्थिति के कारण बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। पैदल यात्रियों को भी आवाजाही में कठिनाई हो रही है। सांसद ने जिला प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है। पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग और लोहे की रेलिंग लगाई गई है, जिससे भारी, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद है। इससे आसपास के गांवों के निवासियों की परेशानी बढ़ गई है। बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और दैनिक कार्यों के लिए लोगों को अब लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीण फिलहाल पैदल ही पुल पार कर रहे हैं। नरियाना पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका सांसद अरुण भारती ने निरीक्षण के दौरान बताया कि नरियाना पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है, और बड़ी गाड़ियों का परिचालन सुरक्षित नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने जानकारी दी कि एक अस्थायी डायवर्सन पुल के समानांतर बनाया जाएगा, जिससे छोटी गाड़ियों का परिचालन संभव हो सकेगा। डायवर्सन निर्माण का टेंडर चार या पांच जून तक जारी होने की संभावना है। डायवर्सन केवल एक अस्थायी समाधान होगा सांसद ने स्पष्ट किया कि यह डायवर्सन केवल एक अस्थायी समाधान होगा। स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि इस पुल को एनएच-333ए से जोड़ा जाए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुरूप एक मजबूत और टिकाऊ पुल का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में लगातार पहल की जा रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
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