झांसी कलेक्ट्रेट ट्रैक्टर यात्रा लेकर पहुंचे किसान, ज्ञापन देकर CM से की मांग
झांसी में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन की अगुआई में दर्जनों ट्रैक्टर पर सवार होकर सैंकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। बोले, जब किसान पराली जलाता है तो सेटेलाईट से तस्वीर लेकर तुरंत मुकदमा लिखाया जाता है। ले
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जिले की झांसी, मऊरानीपुर, गरौठा, मोठ और टहरौली तहसील क्षेत्र के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले शनिवार को ट्रैक्टर यात्रा निकाली। जिसमें प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान झांसी के कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी 12 मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। जिसमें उनकी प्रमुख मांगें शामिल रहीं। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की कि इस बार खरीफ की फसल 80 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई है। लेकिन उनके नुकसान का आजतक आंकलन नहीं किया गया है। साथ ही किसान नेताओं ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन जब पराली जलाने वाले किसानों की तस्वीरें सेटेलाईट से लेकर उन पर तत्काल मुकदमा कर सकता है तो फिर ऐसी ही तत्परता किसानों को हुए नुकसान के आंकलन में क्यों नहीं दिखाई जा रही। बोले, बीते तीन महीने से नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है।
किसान परेशान है, डीएम मीटिंग में नहीं आ रहे
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष उत्तम कुमार सिंह ने जिला प्रशासन में किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल से किसान परेशान है। इस बार भी खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। बोले, डीएम साहब विकास भवन की मीटिंग में नहीं आ रहे हैं। हर तरफ जमीनों की लूट चल रही है। बुंदेखण्ड एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की जो ज़मीनें ली जा रही हैं, वहां पुराने सर्किल रेट से ही मुआवजा दिया जा रहा है। आगे बोले कि बीड़ा में भी किसानों की जमीनें ले लीं, जिन्हें किश्तों में मुआवजा दिया जा रहा है। बड़े लोगों ने अपनी जमीनें बचा लीं।
ये रहीं किसानों की पांच प्रमुख मांगें
• कहा फसल बर्बाद होने से किसान परेशान है, ऐसे में एक बार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर मिला कर्ज माफी किया जाए।
• बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस वे निकालने के लिए गरौठा, टहरौली और मोठ के गांवों की जमीनों अधिग्रहण किया जा रहा है। इन गांवों के सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
• खरीफ की फसल नष्ट होने के बाद उसका आंकलन तत्काल कर बीमा राशि दिलाई जाए।
• सरकार MSP (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) पर गैरंटी दे, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही लाभ मिल पाए।
• कहा कि पुलिस सही ढंग से काम नहीं कर रही है। बेकसूर लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री दे मांग की कि पुलिस को हिदायत दें कि वह सही ढंग से काम करें।

