जैसलमेर में मंगलवार 14 अक्टूबर को हुई बस हादसे की भयावहता एक बार फिर सामने आई है। हादसे के दौरान का एक और वीडियो सामने आया है, जो इंसानियत पर सवाल खड़े करता है। इस वीडियो में झुलसा हुआ युवक जलती बस से बाहर निकलकर लोगों से मदद की गुहार लगाता है, मगर
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सड़क किनारे गिर जाता है घायल युवक युवक बार-बार कहता है, “भाई किसी गाड़ी में बैठा दो…” लेकिन वहां मौजूद लोग सिर्फ एक-दूसरे को देखकर जिम्मेदारी टालते रहते हैं। कोई वीडियो बना रहा है, तो कोई बस की आग देख रहा है। इस दौरान एक कार ड्राइवर तो झुलसे युवक को देख कार में बैठता है, लेकिन जैसे ही वह युवक पीछे की सीट पर बैठता है, ड्राइवर उतरकर उसे कार से बाहर निकलने को कह देता है। थका-हारा घायल युवक सड़क किनारे गिर जाता है।
बाइक सवार अमीन ने बचाई युवक की जान इसी वक्त एक बाइक पर सवार युवक अमीन खान वहां से गुजरते हैं। अमीन जैसलमेर में कलर पेंट का काम करते हैं। उन्होंने घायल युवक को देखा और बिना कुछ सोचे अपनी बाइक रोकी। उन्होंने पास खड़े लोगों से कहा, “भाई वीडियो बनाओ, ताकि बाद में पुलिस पूछे तो बता सको कि मैं सिर्फ मदद कर रहा था।” अमीन ने झुलसे युवक को बाइक पर बैठाया और जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचाया। उनकी इस हिम्मत भरी मदद से घायल युवक की जान बच गई।
35% झुलसा युवक, जिंदा बच गया बस में सवार 20 वर्षीय महिपाल सिंह, एयरफोर्स भर्ती परीक्षा देने जोधपुर से जैसलमेर आया था। अगले दिन घर लौटते वक्त उसकी बस में आग लग गई। वह हादसे में 35 प्रतिशत झुलस गया है और फिलहाल क्रिटिकल हालत में है। महिपाल ने बताया कि वह बस के बीचो—बीच सीट पर बैठा था। अचानक धुआं भर गया, और कुछ ही सेकेंड में आग फैल गई।
कंडक्टर ने कांच तोड़कर छलांग लगाई और महिपाल ने उसी के पीछे कूदकर अपनी जान बचाई। बाहर निकलने के बाद भी उसे किसी ने उठाया नहीं, केवल लोग वीडियो बनाते रहे।
एम्बुलेंस भी आई देर से, लोग बने तमाशबीन घायल महिपाल के चाचा विनोद सिंह ने बताया कि एम्बुलेंस देर से पहुंची। तब तक सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के जरिए ही उन्हें पता चला कि महिपाल जीवित है। उन्होंने कहा, “अगर कुछ लोग समय पर मदद कर देते, तो शायद बाकी लोगों की जानें भी बच सकती थीं।”
सस्ता किराया बना मौत की वजह जानकारी के अनुसार, जैसलमेर से जोधपुर जाने वाली इस बस का किराया अन्य बसों से 10 रुपए कम था। इसी कारण अधिकतर ग्रामीण यात्री इसी बस में सफर करते थे। हादसे के दिन बस में काफी सवारियां थीं। रास्ते में हर छोटे-बड़े स्टॉप पर यात्री चढ़ते गए।
मानवता पर सवाल वीडियो में दिखे दृश्य समाज को आइना दिखाते हैं। जहां एक तरफ लोग अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर एक आम इंसान अमीन खान अपनी जान की परवाह किए बिना इंसानियत निभाता है। यह वीडियो सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का प्रमाण बन गया है।
अब तक 21 लोगों की मौत जैसलमेर बस अग्निकांड में मृतकों की संख्या 21 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार, 6 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इसके अलावा 8 घायलों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इस मामले में बुधवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया।

