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Champaran News:बिहार के पूर्व मंत्री पूर्णमासी राम की मुश्किलें 23 साल पुराने एक मामले में फिर बढ़ गई हैं. बगहा के माले नेता दयानंद द्विवेदी की पिटाई से जुड़े इस केस में जिला जज ने निचली अदालत के फैसले को रद्द कर…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- 23 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री पूर्णमासी राम पर कोर्ट का नया आदेश, मुश्किलें बढ़ीं.
- जिला जज ने रद्द किया निचली अदालत का फैसला, 30 दिन में संज्ञान का दिया है आदेश.
- दयानंद द्विवेदी की पिटाई का मामला, पूर्णमासी राम के खिलाफ दोबारा शुरू हुई कार्रवाई.
जिला जज ने बदला निचली अदालत का फैसला
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र ने हाल ही में इस मामले में दयानंद द्विवेदी की रिवीजन याचिका पर सुनवाई की. 7 नवंबर 2019 के निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए, कोर्ट ने न्यायिक दंडाधिकारी को 30 दिनों के भीतर दोनों पक्षों को सुनकर संज्ञान लेने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी हिदायत दी कि 23 साल पुराने इस मामले की सुनवाई प्रतिदिन हो, ताकि जल्द निस्तारण हो.
डीआईजी मानवाधिकार के आदेश से शुरू हुई जांच
पूर्णमासी राम के लिए नया कानूनी संकट
कोर्ट के इस फैसले से पूर्णमासी राम का नाम इस मामले में फिर से जुड़ गया है. 18 जुलाई को उनके वकील नर्वदेश्वर भारती ने पक्ष रखा, लेकिन कोर्ट ने द्विवेदी की याचिका को स्वीकार किया. अब यह मामला पूर्णमासी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है, क्योंकि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले का जल्द निपटारा हो.

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें
पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट… और पढ़ें

