Friday, April 10, 2026
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जीवन भर साथ, मौत के बाद भी रहे साथ, पति-पत्नी की एक साथ शवयात्रा ने भावुक किया


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Emotional-News: कुछ रिश्ते जिंदगी भर ही नहीं, मौत के बाद भी साथ निभाते हैं. मुंगेर से आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है जहां पत्नी की अर्थी उठने से पहले पति ने भी अंतिम सांस ले ली. देखते ही देखते शोक का माहौल और गहरा हो गया, जब पति-पत्नी की एक साथ शवयात्रा निकली और दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ. यह दृश्य हर आंख को नम और हर दिल को भारी कर गया.

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मुंगेर में बुजुर्ग दंपती की एक साथ अंतिम यात्रा ने लोगों को भावुक कर दिया.

मुंगेर. बिहार के मुंगेर से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है जहां पत्नी की अर्थी निकलने से ठीक पहले पति ने भी दम तोड़ दिया. इसके बाद पति-पत्नी की एक साथ शवयात्रा निकली और दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया. इस मार्मिक दृश्य को देखकर पूरा मोहल्ला भावुक हो उठा और नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी गई. मंगलवार को जब इन दंपति की शवयात्रा पति-पत्नी का इस तरह एक साथ दुनिया से विदा होना पूरे इलाके के लिए भावनात्मक क्षण बन गया. दोनों की एक साथ शवयात्रा और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार ने जीवनभर साथ निभाने के रिश्ते की गहराई को बयां कर दिया. मोहल्ले के लोग, अधिवक्ता और शुभचिंतक नम आंखों से इस अंतिम यात्रा के साक्षी बने.

बुजुर्ग दंपती की एक साथ अंतिम विदाई

यह दर्दनाक और भावुक कर देने वाली घटना मुंगेर जिले के लल्लू पोखर मोहल्ले की है. यहां सोमवार की दोपहर मुंगेर न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर रहे विश्वनाथ सिंह की 82 वर्षीय पत्नी अहिल्या देवी का निधन हो गया. पत्नी के निधन से पूरा परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ था. मंगलवार को जब अहिल्या देवी की शवयात्रा निकालने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक 87 वर्षीय विश्वनाथ सिंह की तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. मां के निधन के अगले ही दिन पिता के गुजर जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. विश्वनाथ सिंह के निधन की खबर फैलते ही आसपास के लोग और मुंगेर न्यायालय के कई वरिष्ठ अधिवक्ता उनके आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी.
मुंगेर के लल्लू पोखर में विश्वनाथ सिंह और अहिल्या देवी की एक साथ अंतिम यात्रा ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.

मुंगेर की मार्मिक घटना ने हर आंख कर दी नम

बताया जाता है कि विश्वनाथ सिंह एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता होने के साथ-साथ विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज, मुंगेर में प्रोफेसर भी रह चुके थे. उन्होंने कानून के क्षेत्र में अनेक छात्रों को शिक्षा दीं. इनमें से कई आज मुंगेर न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. उनका विवाह वर्ष 1961 में भागलपुर जिले के शाहपुर निवासी अहिल्या देवी से हुआ था. दंपती के तीन पुत्र और दो पुत्रियां हैं. सभी की शादियां हो चुकी हैं. बड़े पुत्र शैलेश कुमार शिक्षक हैं, दूसरे पुत्र विभेष कुमार अधिवक्ता हैं, जबकि तीसरे पुत्र राकेश कुमार बैंक से सेवानिवृत्त हैं.
मुंगेर के लल्लू पोखर में विश्वनाथ सिंह और अहिल्या देवी की एक साथ अंतिम यात्रा ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.

आखिरी सफर में भी अलग नहीं हुए पति-पत्नी

परिजनों के अनुसार, मां की शवयात्रा से पहले ही पिता के निधन के बाद दोनों की एक साथ शवयात्रा निकाली गई और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. पति-पत्नी की एक साथ अंतिम यात्रा को देखकर मोहल्ले समेत पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. पति-पत्नी के इस तरह एक साथ दुनिया से विदा होने की घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया. नम आंखों और भारी मन से लोगों ने दोनों को अंतिम विदाई दी. यह घटना न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए एक भावुक संदेश छोड़ गई कि कुछ रिश्ते मौत की सीमाओं से भी आगे तक जुड़े रहते हैं.

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Vijay jha

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