मृतक लक्ष्मी राजपूत की फाइल फोटो।
झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन के ओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर महिला यात्री की ट्रेन से उतरते ही मौत हो गई। वह पलवल में भाई के पास रहकर फैक्टरी में काम कर रही थी। बीते दो दिन से तबियत खराब होने के चलते वह झांसी लौटी थी।
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लेकिन स्टेशन के बाहर जाने से पहले उसने दम तोड़ दिया। मृतिका के भाई का कहना है कि उसकी बहन की मौत मानसिक तनाव के चलते बीमार होने से हुई है। उसका पति लंबे समय से उससे बात नहीं कर रहा था।
चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मड़ई की रहने वाली 25 साल की लक्ष्मी राजपूत की शादी गांव के ही सोनू से हुई थी। लक्ष्मी के बड़े भाई राजकुमार फरीदाबाद के पास पलवल की एक फैक्टरी में ही काम करते हैं। आठ महीने पहले पति से विवाद के बाद लक्ष्मी राजपूत भी भाई के पास पलवल चली गई थीं।
यहीं, रहकर वह अपना और अपनी ढाई साल की बेटी सारिका का खर्च उठा रही थी। भाई राजकुमार ने बताया कि बहन से उसका पति बात भी नहीं करता था। ऐसे में वह तनाव में रहने लगी थी। साथ ही वह कमजोर भी होती चली गई, जिसका इलाज दिल्ली से करा रहे थे।
लेकिन, वहां से भी आराम नहीं मिला। दो दिन पहले लक्ष्मी की हालत ज़्यादा खराब होने पर उसे पिता राकेश झांसी लाने के लिए कुरुक्षेत्र-खजुराहो गीता जयन्ती एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हो गए।
यहां रात 3 बजे ट्रेन जैसे झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर रुकी तो पिता राकेश और लक्ष्मी ट्रेन से उतर कर स्टेशन से बाहर जाने के लिए ओवर ब्रिज की 10 सीढ़ियां ही चढ़े थे कि लक्ष्मी निढाल होकर सीढ़ियों पर ही बैठ गई। इसके बाद वह नहीं उठ सकी और सीढ़ियों पर ही दम तोड़ दिया। यात्रियों की सूचना पर पहुंचे रेलवे डॉक्टर ने परीक्षण कर महिला को मृत घोषित कर दिया।
भाई बोला–जीजा ने एक दिन भी हाल नहीं जाना
मृतक के भाई राजकुमार छुट्टी नहीं मिल पाने के चलते बहन के साथ झांसी नहीं आ सके थे लेकिन, मौत की खबर के बाद वह भी शाम को झांसी पहुंच गए। उनका कहना था कि जीजा ने बहन को अकेला छोड़ दिया था, जिससे वह काफी परेशान रहती थी। ढाई साल की बेटी की भी खैर ख़बर नहीं ली।

