सरफराज वारसी | बाराबंकी4 मिनट पहले
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बाराबंकी में ठंडी हवाओं, बढ़ी नमी और प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर जिला अस्पताल की ओपीडी पर दिख रहा है, जहां सांस लेने में तकलीफ, खांसी और बुखार के बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राकेश कुशवाहा ने बताया कि ठंड के मौसम में नमी और प्रदूषण फेफड़ों में संक्रमण का कारण बनते हैं। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

डॉ. कुशवाहा के अनुसार, इस मौसम में विशेष रूप से बुजुर्ग और पहले से सांस की बीमारी से ग्रसित मरीज अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ठंड के कारण बच्चों में एलर्जी और वायरल बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं।
डॉक्टर ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो गर्म कपड़े पहनकर निकलें और धूल-धुएं से बचाव करें।
अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों ने बताया कि इस ठंड में बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों में बुखार और एलर्जी की शिकायतें भी बताईं।
डॉक्टरों ने आम जनता से सावधानी बरतने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने का आग्रह किया है।

