ठेकेदार ने मिट्टी की जगह मलबा भर दिया।
इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में रोड के बीच में बन रहे डिवाइडर में ही ठेकेदार ने वहां का मलबा भर दिया। जबकि डिवाइडर के बीच में मिट्टी डालकर वहां पौधे लगाए जाना है। ऐसे में मलबे के कारण पौधे पनप नहीं पाएंगे।
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इसका खुलासा तब हुआ, जब एमआईसी मेंबर उस क्षेत्र से गुजर रहे थे। वे डिवाइडर को देख कर रुक गए और उसकी जांच की तो उन्हें कई अनियमितताएं मिलीं। उन्होंने तत्काल मामले में नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है।
मामला चाणक्यपुरी से गोपुर चौराहे के बीच बन रहे सेंट्रल डिवाइडर का है। यहां पर सेंट्रल डिवाइडर का काम किया जा रहा है।
नगर निगम के यातायात विभाग द्वारा चाणक्यपुरी चौराहे से गोपुर चौराहे मेन रोड सौंदर्यीकरण के तहत सेंट्रल डिवाइडर बनाया जा रहा है। इस काम के लिए यातायात विभाग ने 17 दिसंबर 2024 को लागत राशि 1.66 करोड की निविदा बुलाई थी, जिसमें मेसर्स ख्याति इंटरप्राइजेस को 4.56 प्रतिशत अधिक की दर पर काम दिया गया।
काम की स्थिति देखी तो मिली अनियमितता हाल ही में एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर इस रोड से गुजर रहे थे। तब उन्होंने सेंट्रल डिवाइडर के काम को देखा तो उन्हें कुछ गड़बड़ लगी। इस पर उन्होंने रोककर पूरे काम को देखा। उन्होंने यहां उस काम के फोटो भी लिए।
उन्होंने देखा कि यहां पर काम में कई अनियमितताएं हैं। काम करने वालों ने डिवाइडर के अंदर ही वहां का मलबा डाल दिया। आगामी दिनों में यहां पर मिट्टी डालकर पौधे लगाए जाना है, ऐसे में मलबे के कारण पौधे खराब हो जाएंगे। इस मामले में राठौर ने अपर आयुक्त को जांच के लिए लेटर भी लिखा है।
एमआईसी मेंबर व प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर।
अपर आयुक्त को भेजा लेटर एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर ने मौके पर स्थिति देखी तो पाया कि यहां सरिए की क्वालिटी भी अलग-अलग मिली। साथ ही डिवाइडर के बीच मलबा डालकर भराव किया जा रहा है। निविदाकर्ता द्वारा ज्यादा निविदा दर के बावजूद काम में लापरवाही कर गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा है।
साथ ही संबंधित इलाके में पदस्थ विभाग के इंजीनियर द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस सेंट्रल डिवाइडर निर्माण तय मानक स्तर के विपरीत किया जा रहा है। डिवाइडर निर्धारित मापदंड से ज्यादा चौड़ाई में बनाया जा रहा है।
अत: यातायात विभाग द्वारा चाणक्यपुरी से गोपुर चौराहे के मुख्य रोड सेंट्रल डिवाइडर निर्माण काम की जांच कराते हुए दोषी ठेकेदार फर्म तथा संबंधित इंजीनियर के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
प्रभारी महापौर बोले- मलबा बाहर होने के बाद करें पेमेंट मामले में एमआईसी मेंबर व प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने बताया कि गोपुर चौराहे से चाणक्यपुरी चौराहे तक एक बड़ा डिवाइडर का काम किया जा रहा है। यहां ठेकेदार काम कर रहा है, जब यहां की जांच की तो पता चला कि यहां सरिए की क्वालिटी भी अलग-अलग मिली। इस मामले की जानकारी यातायात विभाग के अधिकारियों को दी है। मामले में जांच करने के लिए कहा गया है।
डिवाइडर के अंदर ही मलबा भर दिया है। वह कैसे निकालेंगे, क्योंकि डिवाइडर में मिट्टी डालकर पौधे लगाएंगे। ऐसे में मलवे की वजह से पौधे खराब हो जाएंगे। ठेकेदार को मलबा निकालकर फेंकना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
यातायात विभाग को पूरी जांच करने के लिए कहा है। साथ ही मलबा बाहर करने के बाद ही उसका पेमेंट करने के निर्देश दिए है। तीन दिन में इसकी जानकारी बुलवाई है।

