राजधानी भोपाल में पुलिसिया गुंडागर्दी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) भोपाल ने रविवार को प्रेसनोट जारी कर आरोप लगाया कि शराब के नशे में धुत चार पुलिसकर्मियों ने हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर और दो महिला डॉक्टरों को बीच
.
डॉक्टरों की कार रोककर की गाली-गलौज JDA के अनुसार, 28 नवंबर की शाम हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर डॉ. मुजीब और उनके साथ दो महिला डॉक्टर कलियासोत डैम से लौट रहे थे। तभी दो बाइकों पर सवार चार पुलिसकर्मी पवन, सुनील और दो अज्ञात वर्दी में, लेकिन नशे की हालत में वहां पहुंचे।
जेडीए वाइस प्रेसिडेंट डॉ. यशवीर ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों ने पहले आसपास के लोगों को हटाया और फिर जानबूझकर डॉक्टरों की कार को रोका। डॉक्टरों ने सहयोग करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने महिला डॉक्टरों से बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। उसने महिला डॉक्टर से कहा कि अगर तुम्हारे साथ रेप हो जाए तो क्या कर लोगी?
5 हजार की उगाही का भी आरोप
डॉक्टरों द्वारा उगाही का दिखाया गया स्क्रीनशॉट।
डॉ. यशवीर के अनुसार, चारों पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों के साथ धक्का-मुक्की की, उनका फोन छीना और 5 हजार रुपए की उगाही की। जिसमें 2500 रुपए नकद और 2500 रुपए UPI (UPI ID: मधुकांत सोनी) पर ट्रांसफर कराए। इसका स्क्रीन शॉट भी उनके द्वारा शेयर किया गया है।
Zero FIR के लिए पहुंचे तो TI ने किया दुर्व्यवहार
डॉ. यशवीर ने कहा कि अगले दिन 29 नवंबर को पीड़ित डॉक्टर कोहेफिजा थाना पहुंचे ताकि Zero FIR दर्ज हो सके। लेकिन TI कृष्ण गोपाल शुक्ला ने FIR दर्ज करने से इनकार किया। बार-बार कहा कि पैसे ले लो, मामला खत्म करो और कार्रवाई की मांग पर मामले को घुमाते रहे। इसके बाद भी डॉक्टरों के इनकार करने पर TI ने उन्हें कमरे में बुलाकर ऊंची आवाज में डांटा और कहा यह मामला आगे मत बढ़ाना। तीसरे दिन जब डॉक्टर फिर थाना पहुंचे और पूछा कि कार्रवाई क्यों नहीं हुई, तो TI ने गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की की और FIR लेने से फिर इनकार कर दिया। जेडीए की तरफ से सरकार के सामने चार मांग रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव करेंगे। वहीं, JDA ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात का समय भी तय किया है।

थाना कोहेफिजा भोपाल।
जेडीए की 4 प्रमुख मांगें
- चारों पुलिसकर्मियों पर तत्काल FIR दर्ज की जाए।
- TI कोहेफिजा कृष्ण गोपाल शुक्ला पर FIR दर्ज हो।
- TI को 2–3 दिनों के भीतर लिखित माफी जारी करनी होगी।
- पीड़ित डॉक्टरों को सुरक्षा दी जाए।

