हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में शुक्रवार को मुहर्रम पर मुस्लिम समाज ने ताजियों का जुलूस निकाला। दोपहर को करीब 2 बजे ताजियों का जुलूस शुरू हो गया था। पहले गली-मोहल्लों से छोटे तालियों का जुलूस निकाला गया। जो हरवेन जी का खुर्रा, हाथीपोल, मोती चोहट्टा, घंटाघर, गणेशघाटी, तीज का चौक, चोखला बाजार, भड़भूजा घाटी, बड़ा बाजार, जगदीश चौक होकर लालघाट पहुंचे। इसके बाद देर शाम बड़े ताजियों का जुलूस शुरू हो गया। इसमें प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बड़ी पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिये रहे। बड़ी संख्या में समुदाय के लोग परिवार सहित शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर ताजिये को रंग-बिरंगी रोशनी से सुंदर सजाया गया। रास्तेभर समुदाय के युवा या हुसैन के नारे लगाते रहे। जो लोग जुलूस में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने मस्जिदों में इबादत की। जुलूस के दौरान लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम किया और नोहे पढ़े।
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