Monday, October 12, 2026
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दिल्ली में प्रदर्शन पर वर्ल्ड मीडिया: अल-जजीरा ने लिखा- सरकार के लिए सबसे गंभीर चुनौती, NYT बोला- विरोध को दबाना मुश्किल


नई दिल्ली35 मिनट पहले

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भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस मामले को दुनियाभर के मीडिया संस्थानों को प्रमुखता से कवर किया गया है। NYT के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई से मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा है।

अल जजीरा के मुताबिक, युवा आंदोलन पीछे हटने को तैयार नहीं है। वॉशिंगटन पोस्ट, CNN और साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी टॉप स्टोरीज में इन प्रदर्शन को जगह दी है। NYT- सत्ता बनाए रखने के तरीके कमजोर पड़े

भारत में पहले कमजोर पड़ चुका विपक्ष अब फिर सक्रिय हो रहा है। विपक्षी दल युवाओं के आंदोलन से बनी राजनीतिक जगह का फायदा उठाकर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दिल्ली में पुलिस की सख्त कार्रवाई के दृश्य दुनियाभर में प्रसारित हुए। इससे PM मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा।

अखबार के मुताबिक, मोदी समर्थक पहले विरोधियों को कमजोर बताकर या कुछ को आतंकवादी और देशविरोधी कहकर उनके आंदोलन को खारिज करते रहे हैं। लेकिन मौजूदा युवा आंदोलन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। इससे सरकार के लिए प्रदर्शनकारियों को उसी तरीके से निशाना बनाना मुश्किल हो रहा है।

वॉशिंगटन पोस्ट- मोदी और CEC के खिलाफ गुस्सा

भारत में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच PM मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है।

वोटर लिस्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही कई नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब इससे पहले पेपर लीक के मुद्दे पर हुए युवा प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।

अल जजीरा- PM के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती

ये PM मोदी और उनकी सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। पिछले हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद विरोध और तेज हो गया। इसमें बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे।

इन बदलावों के चलते वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। भाजपा का कहना है कि चुनावों में उसकी सफलता मोदी की लोकप्रियता और भारत की आर्थिक तरक्की को दिखाती है। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।

BBC- नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन को झटका

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन अब बेरोजगारी और पेपर लीक से आगे बढ़कर चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन की रफ्तार पर असर पड़ा है।

एक प्रदर्शनकारी ने भी माना कि शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी में आंदोलन को आगे बढ़ाने में मुश्किल हो रही है। हालांकि, पार्टी ने पीछे हटने से इनकार किया है। अब उसके सामने चुनौती है कि शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर मिली सफलता को क्या वह चुनाव व्यवस्था में बदलाव की मांग के लिए भी दोहरा पाएगी।

CNN- सरकार ही नहीं CJP के लिए भी बड़ी परीक्षा

कई हफ्तों तक धरने और मार्च चलने के बाद जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। यह मोदी सरकार के लिए एक राजनीतिक झटका था।

विपक्षी दल भी सरकार को इस तरह झुका नहीं पाए थे।अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन CJP के लिए एक परीक्षा है।

CJP यह देखना चाहती है कि क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनाई गई उसकी सफल रणनीति को देश की चुनाव व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे पर भी दोहराया जा सकता है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट- भारत में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

वोटर लिस्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर के बाद विरोध तेज हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से भाजपा को फायदा पहुंच सकता है।

शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए हजारों पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए, कई मेट्रो स्टेशन और बाजार बंद रहे और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट ने इस विरोध को प्रधानमंत्री मोदी के लिए अब तक की गंभीर राजनीतिक चुनौतियों में से एक बताया है।

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