कंकर घाट पर बड़े स्तर पर हुए अवैध उत्खनन से प्राकृतिक स्वरूप ही बदल गया।
नर्मदापुरम में सर्किट हाउस के पास पिचिंग निर्माण कर रही फर्म पर अवैध उत्खनन का केस दर्ज हुआ। खनिज विभाग ने ठेकेदार मेसर्स एससी नागपाल कंस्ट्रक्शन के खिलाफ बिना अनुमति कंकर घाट पर अवैध उत्खनन का आरोप है।
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ठेकेदार ने कंकर घाट के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ कर बड़े स्तर पर बजरी खोदकर पिचिंग और रोड निर्माण, फिलिंग में उसका उपयोग किया। नर्मदा के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ करने वाली फर्म पर खनिज विभाग ने 1.69 लाख रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव बनाया है।
अवैध उत्खनन का प्रकरण की फाइल एसडीएम के पास भेजा है। जुर्माना एसडीएम तय करेंगे।
नर्मदापुरम में साढ़े पांच सौ मीटर पिचिंग का निर्माण दो साल से जारी है। निर्माण एजेंसी जल संसाधन विभाग ने भोपाल की मेसर्स पुनीत नागपाल और मेसर्स एससी नागपाल कंस्ट्रक्शन को पिचिंग निर्माण का ठेका दिया है।
ठेकेदार द्वारा पिचिंग निर्माण में पत्थरों को 80किमी दूर से बुलाया। लेकिन बजरी को बाहर से रॉयल्टी वाली बुलाने के बजाय चोरी से कंकर घाट को ही खोद डाला और उसी कंकर, बजरी से रोड निर्माण और पिचिंग की फिलिंग भर दी।
जबकि ठेकेदार को उत्खनन करने के लिए बाकायदा खनिज विभाग से अनुमति लेकर उत्खनन करना था। लेकिन ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया।
जिला खनिज अधिकारी, तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था।
इस मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष रूपेश राजपूत, अखिलेश खंडेलवाल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने जिला खनिज अधिकारी को लिखित शिकायत दी है और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद 30 दिसम्बर को जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम, तहसीलदार सरिता मालवीय, खनिज निरीक्षक केके परस्ते और आरआई कंकर घाट पहुंचे थे।
बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन पाया गया। अफसरों ने पंचनामा बनाकर ले गए। लेकिन पिचिंग निर्माण करने वाली फर्म के खिलाफ अवैध उत्खनन का केस दर्ज करने में 11दिन लगा दिए।
जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम का कहना है कि एससी नागपाल कंस्ट्रक्शन पर अवैध उत्खनन का केस दर्ज किया है। 1.69लाख रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव बनाकर एसडीएम को भेजा है।
सांसद ने प्रकरण दर्ज करने लिखा पत्र कंकर घाट पर हुए अवैध उत्खनन की राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने भी शिकायत की है। उन्होंने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता और जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम को अवैध उत्खनन करने वाली फर्म पर प्रकरण दर्ज कर रॉयल्टी वसूलने के लिए पत्र लिखा। वे कार्यस्थल का निरीक्षण भी करने पहुंचेगी।
ठेकेदार ने की मनमानी, नहीं माने आदेश कंकर घाट पर हुए अवैध उत्खनन मामले में जल संसाधन विभाग ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए पूरी गलती ठेकेदार पर थोप दी है। ईई अंकित सराफ का कहना है कि पिचिंग निर्माण करने वाले ठेकेदार को हमने दो बार पत्र लिख कंकर घाट से उत्खनन नहीं करने के आदेश दिए।
पिछले साल भी उत्खनन करने से रोका था। बावजूद उन्होंने उत्खनन हुआ। जबकि अवैध उत्खनन एक दिन में नहीं हुआ, कई दिन तक होते रहा। इस बीच विभाग के सब इंजीनियर, एसडीओ ने दौरा भी किया। पर किसी ने भी अवैध उत्खनन से ठेकेदार को रोका नहीं।

