विश्व पटल पर बिहार की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर और राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप की सुरक्षा व्यवस्था अब और भी अभेद्य होने जा रही है। बिहार सरकार ने इन विश्वप्रसिद्ध धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस को सौंप दी है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार का यह कदम इन ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अधिसूचना में दिए गए विस्तृत निर्देश इस संबंध में बिहार सरकार के गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार बिहार के राज्यपाल ने बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 की धारा-2(xi) एवं 3(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। इस आदेश के तत्काल प्रभाव से लागू होने के साथ ही नालन्दा के इन दोनों प्रमुख स्थलों को ‘विनिर्दिष्ट प्रतिष्ठान’ के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है।
ऐतिहासिक स्थलों को भी मिला सुरक्षा घेरा
नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर और विश्व शांति स्तूप के अलावा राज्य के नौ अन्य अति-महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा का जिम्मा भी विशेष सशस्त्र पुलिस को सौंपा गया है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, सीतामढ़ी जिले का पुनौरा धाम मंदिर व बगही धाम, वैशाली का बुद्धा अवशेष स्तूप, सारण (सोनपुर) का हरिहरनाथ मंदिर, गयाजी का विष्णुपद मंदिर, पटना साहिब का तख्त श्री हर मंदिर साहिब जी और पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर अब इस कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर और सासाराम स्थित शेरशाह के मकबरे को भी इस विशेष सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को मिलेंगे विशेष अधिकार
इन सभी 11 प्रतिष्ठानों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन स्थलों पर सुरक्षा और संरक्षा के लिए तैनात किए जाने वाले पुलिस पदाधिकारी का पद हवलदार से नीचे का नहीं होगा। कर्तव्य के दौरान इन तैनात अधिकारियों को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 की धारा-7, धारा-8 और धारा-9 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से प्राधिकृत किया गया है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति से सख्ती से निपटा जा सके।
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