वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जौनपुर और गाजीपुर के अधिकांश संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र निर्धारित मानक से काफी अधिक दूरी पर बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र संबंधित महाविद्यालय से लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में होने चाहिए। हालांकि, वर्तमान में कई छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। यह समस्या केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। सुबह की पाली की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए उन्हें तड़के घर से निकलना पड़ता है। सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता के कारण अक्सर उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। छात्राओं के अभिभावकों को भी परीक्षा केंद्रों तक उनके साथ जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी भी बढ़ जाती है। पिछले छह वर्षों से केंद्र निर्धारण पर उठ रहे सवालों के बीच अब केंद्रों की अत्यधिक दूरी का यह पहलू भी सामने आया है। कई महाविद्यालयों के प्रबंधन ने मांग की है कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में छात्र सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि 10 किलोमीटर का मानक तय है, तो उसका सख्ती से पालन होना चाहिए। यदि किसी विशेष परिस्थिति में केंद्र दूर निर्धारित किए जाते हैं, तो उसके कारण भी स्पष्ट किए जाने चाहिए। महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्र सुविधा और पारदर्शिता के आधार पर केंद्र आवंटन की अपील की है।
Source link
परीक्षा केंद्र 10 किमी मानक से 20 किमी दूर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्रों को परेशानी – Jaunpur News
RELATED ARTICLES

