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ग्लोबल टेंशन के बाद भी देश में गैस और पेट्रोल की कोई कमी एकदम नहीं है. सरकार ने सप्लाई चेन को मजबूत कर दिया है. सरकार घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 परसेंट सप्लाई कर रही है. अस्पतालों और स्कूलों को कमर्शियल गैस देने में पहली प्राथमिकता दी जा रही है. गरीब और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ी है. देश की सभी रिफाइनरी अपनी पूरी और हाई कैपिसिटी पर लगातार काम कर रही हैं. देश में पेट्रोल और डीजल का बहुत पर्याप्त और सुरक्षित स्टॉक मौजूद है.
एलपीजी आपूर्ति में कहीं कोई परेशानी नहीं है.
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पर बड़ा अपडेट देते हुए कहा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में बताया कि अब तक 34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन पोर्टल के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जिससे वैकल्पिक ईंधन की ओर झुकाव बढ़ा है. वहीं कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है, और बीते दिन ही 2,100 से ज्यादा छापेमारी कर करीब 450 सिलेंडर जब्त किए गए.
सरकार के मुताबिक, वर्तमान भू-राजनीतिक हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (ट्रांसपोर्ट) की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है. प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के छोटे सिलेंडरों की सप्लाई भी बढ़ाई गई है. इसके अलावा, रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने, बुकिंग अंतराल बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन जैसे केरोसिन और कोयले की उपलब्धता बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं.
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी की सप्लाई पर निगरानी रखने और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं. सभी राज्यों में कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं, जबकि कई राज्यों में नियमित प्रेस ब्रीफिंग भी की जा रही है. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भी निरीक्षण तेज कर दिए हैं और अब तक सैकड़ों डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई की जा चुकी है. एलपीजी सप्लाई की स्थिति पर सरकार ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग अब करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है और डीएसी-आधारित डिलीवरी भी 93 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है. घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है.
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उर्वरक संयंत्रों को गैस आवंटन बढ़ाकर लगभग 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को भी अधिक सप्लाई दी जा रही है. पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां प्रोत्साहन दे रही हैं. मार्च 2026 से अब तक करीब 4.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं और 5 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है.
बयान में आगे कहा गया है कि सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोकेमिकल सेक्टर के लिए कच्चे माल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है.
समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार पूरी तरह सतर्क है. डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम अब तक 6,449 कॉल और 13,443 से अधिक मामलों को संभाल चुका है. अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है. सरकार ने बताया कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी भारतीय जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई है. सरकार ने बताया कि भारतीय दूतावास लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए सहायता दे रहे हैं. अब तक करीब 9.84 लाख लोग इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं. ईरान से भी हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य देशों के जरिए भारत लाया गया है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

