Saturday, April 11, 2026
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पिज्जा और तरबूज जैसे पटाखे… आतिशबाजी की चमक से जगमगाया आकाश, शिवकाशी में पटाखों की बिक्री 7000 करोड़ के पार


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Diwali Celebration: चेन्नई में दीपावली पर पटाखों की बिक्री 7,000 करोड़ रुपए पहुंची. शिवकाशी, विरुधुनगर और सत्तूर में भीड़ उमड़ी. पिज्जा और तरबूज पटाखे बेस्टसेलर बने. दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंधों में ढील मिली.

पटाखे खरीदने के लिए तमिलनाडु के शिवकाशी में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. (फाइल फोटो)

चेन्नई. देश भर में दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस बीच बल्कि पटाखों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री भी हुई है. पटाखा व्यापारी महासंघ के अनुसार, त्योहारी सीजन में लगभग 7,000 करोड़ रुपए के पटाखे बिके, जो पिछले साल के 6,000 करोड़ रुपए के कारोबार की तुलना में 1,000 करोड़ रुपए की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है. हर साल, भारत भर में लाखों लोग नए कपड़े पहनकर, अपने घरों को सजाकर और रंग-बिरंगे पटाखे फोड़कर, रोशनी के त्योहार दीपावली का जश्न मनाते हैं.

देश के प्रमुख आतिशबाजी निर्माण केंद्रों (तमिलनाडु के शिवकाशी, विरुधुनगर और सत्तूर) में भारी भीड़ उमड़ी. व्यापारियों ने बताया कि त्योहार से पहले देश भर से खरीदार इन शहरों में उमड़ पड़े. पर्यावरणीय प्रतिबंधों और महामारी से जुड़ी मंदी के कारण वर्षों से फीके पड़े त्योहारों के बाद नए उत्साह को दर्शाते हुए, अन्य राज्यों से भी ऑर्डर आए. इस साल बाजार में इनोवेशन की भी लहर देखी गई.

पिज्जा और तरबूज जैसे पटाखों की नई किस्मों की शुरुआत ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और तुरंत बेस्टसेलर बन गए. निर्माताओं ने कहा कि ऐसे नए उत्पादों की भारी मांग ने समग्र बिक्री को बढ़ावा देने में मदद की. फेडरेशन ने बिक्री में इस वृद्धि का श्रेय आंशिक रूप से कई राज्यों में प्रतिबंधों में ढील को दिया. विशेष रूप से, दिल्ली में, जहां कई वर्षों से पूर्ण प्रतिबंध लागू था, हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति देने वाली हालिया अदालती मंजूरी ने देश भर में मांग को काफी बढ़ा दिया.

शिवकाशी, जिसे अक्सर भारत की आतिशबाजी राजधानी कहा जाता है, हजारों श्रमिकों को रोजगार देता है और देश के पटाखा उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत यहीं होता है. व्यापारियों ने कहा कि इस साल का त्योहार उद्योग के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया, जो पर्यावरणीय चिंताओं और नियामक बाधाओं के कारण अनिश्चितता का सामना कर रहा था. पूरे भारत में एक बार फिर आतिशबाजी की चमक से आसमान जगमगा उठा है. दीपावली 2025 ने न केवल त्योहारों की रौनक लौटा दी है, बल्कि तमिलनाडु के आतिशबाजी क्षेत्र के हजारों छोटे निर्माताओं और व्यापारियों के बीच उम्मीद की किरण भी जगा दी है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

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