जापान के साथ यह नया तालमेल मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को और गति देगा. 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर साल 2017 में शुरू हुआ था. जापान के तत्कालीन पीएम शिंजो आबे और पीएम मोदी ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था. इसका पहला सेक्शन साल 2027 तक तैयार हो जाएगा, जबकि अहमदाबाद से मुंबई तक का पूरा रूट 2028 तक शुरू होने का अनुमान है. बुलेट ट्रेन 508 किलोमीटर की इस दूरी को महज 2 घंटे 7 मिनट में पूरी कर लेगी.
अभी कौन सी ट्रेन चलाता है जापान
भारतीय रेल मंत्रालय ने पिछले दिनों बताया था कि जापान का शिंकेनसन रेलवे सिस्टम फिलहाल E5 बुलेट ट्रेन चलाता है. जापान की नेक्स्ट जेनरेशन बुलेट ट्रेन E10 है, जिसे अब भारत को भी देने के लिए राजी हो गया है. माना जा रहा है कि इसी अपग्रेडेड और एडवांस्ड तकनीक वाली बुलेट ट्रेन को मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलाया जाएगा. इस ट्रेन की खासियत पर एक नजर डालते हैं कि आखिर इसमें क्या खास तकनीक है.
बुलेट ट्रेन को 250 किलोमीटर प्रति घंटे की ज्यादा स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया जाता है, जिसके लिए डेडिकेटेड ट्रैक की जरूरत होती है. भारत का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क भी दूसरे देशों की बुलेट ट्रेन परियोजनाओं जैसा ही है. इसमें फ्रांस, चीन, साउथ कोरिया, टर्की, स्पेन, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम और इटली शामिल है. भारत ने पहले फ्रांस से ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर मदद करने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उसके मना करने के बाद जापान ने हाथ बढ़ाया. भारत ने पहले E5 सीरीज की बुलेट ट्रेनों को खरीदने का प्लान बनाया था, जिसके अब अपग्रेड करके E10 कर दिया गया है.
फूल के आकार पर बनी है डिजाइन
E10 बुलेट ट्रेन में एडवांस्ड तकनीक के साथ खास डिजाइन का भी इस्तेमाल किया गया है. जापान ने E10 सीरीज की नेक्स्ट जेनरेशन बुलेट ट्रेन को सकूरा यानी चेरी ब्लॉसम फूल के आकार में डिजाइन किया है. यह ट्रेन भूकंप रोधी भी होगी. इसे L आकार में कंट्रोल करने के लिए बनाया गया है, जिससे यह कभी डिरेल नहीं होगी. हाई स्पीड के बावजूद इसमें झटका नहीं लगेगा. भारत को मिलने वाली बुलेट ट्रेन में लगेज के लिए ज्यादा जगह भी होगी और व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वालों के लिए इसमें खास डिजाइन बनाया गया है.
ईस्ट जापान रेलवे कंपनी की ओर से बनाई जा रही इस बुलेट ट्र्रेन सीरीज को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है. भारत की यह बुलेट ट्रेन सुरक्षा, स्पीड और भरोसे की नई मिसाल पेश करेगी. अभी जिस दूरी को तय करने में 7 घंटे तक का समय लग जाता है, उसे बुलेट ट्रेन से महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकता है. प्रोजेक्ट के तहत 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें मुंबई, थाणे, विरार, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं.
कितना होगा बुलेट ट्रेन का किराया
कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुंबई से अहमदाबाद तक का बुलेट ट्रेन का किराया 3 हजार से 5 हजार रुपये के बीच हो सकता है. हालांकि, छोटी दूरी के लिए कम किराये की भी पेशकश की जा सकती है. फिलहाल इसके किराये को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है. अगर जापान की बुलेट ट्रेन पर लगने वाले किराये की बात करें तो 500 किलोमीटर के लिए वहां 8 हजार रुपये से ज्यादा का किराया लगता है. यह किराया लग्जरी क्लास के लिए 20 हजार रुपये तक चला जाता है.

