प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद प्रवीण पटेल ने की। सलाहकार समिति की वर्ष में दो बैठकें अनिवार्य होती हैं। उसी क्रम में यह बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रयागराज एयरपोर्ट से
.
बैठक में प्रमुख मुद्दा प्रयागराज एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या में आई कमी को लेकर रहा। समिति के सदस्यों ने इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए सांसद से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को संबंधित मंत्रालय और एयरलाइंस के समक्ष प्रभावी रूप से रखें। ताकि प्रयागराज से देश के विभिन्न शहरों के लिए हवाई संपर्क बढ़ाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह उपलब्ध है और नया टर्मिनल भवन भी लगभग तैयार है, जिसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता सांसद प्रवीण पटेल ने की।
एयरपोर्ट प्रशासन, एयरलाइंस प्रतिनिधियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने सुझाव और समस्याएं रखीं। पार्किंग, यात्री सुविधाएं, नाइट लैंडिंग, कार्गो सेवाएं और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रयागराज एयरपोर्ट पूरी तरह सक्षम है और यदि उड़ानों व यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो एयरपोर्ट उन्हें सुचारु रूप से संभाल सकता है।

एयरलाइंस प्रतिनिधियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने सुझाव और समस्याएं रखीं।
अध्यक्ष सांसद प्रवीण पटेल ने बताया कि आगामी माघ मेले को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। अनुमान है कि इस बार माघ मेले के दौरान 10 से 15 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे। ऐसे में एयर कनेक्टिविटी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
एयरपोर्ट डायरेक्टर राजेश चावला ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग, भोजन-पानी की व्यवस्था और आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध हैं। बड़ी संख्या में वाहनों के पार्किंग की भी पूरी व्यवस्था है।
प्रयागराज को एक प्रमुख एयर कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करना है। सभी पक्षों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए भविष्य में बेहतर परिणाम आने का भरोसा जताया। एयरपोर्ट प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, जिससे प्रयागराज आने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

