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80-90 के दौर के मशहूर डायरेक्टर ने जब उसे संजीव कुमार से मिलवाने का फैसला किया तो एक्टर की यह हालत देखकर वह चौंक गए. तुरंत उसे रोकते हुए निर्देशक ने सख्त लहजे में कहा – ‘पहले कपड़े तो ढंग से पहन ले.’आगे चलकर यही शख्स अपनी पहली ही फिल्म से स्टार बन गया और उसका अंदाज दर्शकों के दिलों में बस गया. जानते हैं वो एक्टर कौन हैं?
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई किस्से ऐसे हैं, जो समय के साथ दंतकथा बन जाते हैं और सितारों के शुरुआती दिनों की सादगी व बेफिक्री को उजागर करते हैं. ऐसा ही एक मज़ेदार किस्सा उस सुपरस्टार से जुड़ा है, जिसने बाद में अपनी अलग स्टाइल और स्वैग से पूरे हिंदी सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी. करियर की शुरुआत के दिनों में यह एक्टर इतने सहज और बेपरवाह मिजाज का था कि एक बार दिग्गज कलाकार संजीव कुमार से मिलने के लिए वह सिर्फ बंडी और शॉर्ट्स पहनकर निकल पड़ा. क्या आप जानते हैं ये एक्टर कौन हैं?

ये एक्टर और कोई नहीं बल्कि बॉलीवुड के ‘भिड़ू’ यानी जैकी श्रॉफ हैं. जिन्होंने पर्दे पर ‘हीरो’ के साथ एंट्री की और पर्दे पर छा गए. हीरो को रिलीज हुए 42 साल पूरे हो गए.

16 दिसंबर 1983 को रिलीज हुई सुभाष घई निर्देशित इस रोमांटिक एक्शन ड्रामा ने जैकी श्रॉफ को रातोंरात स्टार बना दिया. फिल्म में जैकी के अपोजिट मीनाक्षी शेषाद्रि थीं, जबकि संजीव कुमार, शम्मी कपूर, अमरीश पुरी, शक्ति कपूर और मदन पुरी जैसे दिग्गज कलाकार सपोर्टिंग रोल में थे. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और कई शहरों में 75 हफ्ते तक चली.
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‘हीरो’ की कहानी एक गैंगस्टर जैकी दादा (जैकी श्रॉफ) की है, जो पुलिस कमिश्नर की बेटी राधा (मीनाक्षी शेषाद्रि) का अपहरण करता है, लेकिन प्यार में पड़ जाता है और सुधरने का फैसला करता है. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत और आनंद बख्शी के गीत जैसे ‘लंबी जुदाई’, ‘डिंग डोंग’ और ‘तू मेरा जानू है’ आज भी लोकप्रिय हैं. फिल्म को तेलुगु (‘विक्रम’, 1986) और कन्नड़ (‘रणधीर’, 1988) में रीमेक किया गया.

फिल्म से जुड़ा एक मजेदार किस्सा जैकी की सादगी को दिखाता है. जब सुभाष घई ने नए-नवेले जैकी को संजीव कुमार से मिलवाने का फैसला किया तो जैकी बंडी यानी बनियन और शॉर्ट्स में ही उठे और मिलने चल पड़े.

सुभाष घाई ने उन्हें तुरंत रोका और कहा, ‘तुम संजीव कुमार जैसे स्टार से मिलने जा रहे हो, ऐसे नहीं, पहले कपड़े तो ढंग से पहन लो.’ यह किस्सा आईएमडीबी ट्रिविया में भी दर्ज है.

जैकी ने बाद में इंटरव्यूज में बताया कि वे उस समय इतने अनजान थे कि सीनियर्स से मिलने का ड्रेस कोड नहीं जानते थे. एक और दिलचस्प फैक्ट यह है कि ‘हीरो’ की लीड रोल पहले संजय दत्त के लिए थी, लेकिन उनकी ड्रग एडिक्शन की समस्या के कारण सुभाष घाई ने उन्हें ड्रॉप कर दिया.

इसके बाद कमल हासन को अप्रोच किया गया, लेकिन डेट्स न मिलने से वे भी नहीं कर पाए. कुछ रिपोर्ट्स में कुमार गौरव का भी नाम आया, लेकिन अंत में सुभाष घाई ने जैकी श्रॉफ को चुना. जैकी ने इससे पहले ‘स्वामी दादा’ (1982) में छोटा रोल किया था.

सुभाष घाई ने जैकी को स्टार बनाया और बाद में ‘राम लखन’, ‘खलनायक’ जैसी फिल्में साथ कीं. जैकी आज भी सुभाष घाई को अपना गुरु मानते हैं. ‘हीरो’ ने जैकी की सादगी, स्वैग और चार्म को दर्शकों तक पहुंचाया, जो आज भी उनका ट्रेडमार्क है.

