औरंगाबाद में अंबा-नवीनगर मुख्य पथ पर बतरे नदी पर बने करीब 100 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन पुल की हालत जर्जर है। शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग के कनीय अभियंता मो. अशफाक ने पुल का निरीक्षण किया। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों, टूट चुकी ढलाई और बाहर निकले लोहे के सरियों का जायजा लिया। उन्होंने पुल के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अभियंता ने बताया कि पुल काफी पुराना है, जिसके कारण इसके कुछ हिस्सों में क्षति हुई है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। पुल के निचले हिस्से में कई स्थानों पर ढलाई टूटकर अलग हो गई है। कई जगहों पर लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। पुल के किनारे के हिस्सों में भी टूट-फूट दिखाई दे रही है। पुराने पुल से लगातार छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन होने के कारण स्थानीय लोगों में इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। निरीक्षण के दौरान बीस सूत्री अध्यक्ष प्रवीण कुमार, अजीत कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मेह पुल क्षतिग्रस्त होने से बढ़ा भारी वाहनों का दबाव स्थानीय लोगों के अनुसार बारुण प्रखंड के मेह के समीप पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद अंबा-नवीनगर मुख्य पथ पर भारी वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। एनटीपीसी के दोनों पावर प्लांट से जुड़े भारी वाहनों के अलावा कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे निर्माण में लगी कंपनियों के बड़े वाहन भी इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार कुछ भारी वाहनों का भार करीब 90 से 120 टन तक बताया जा रहा है। ऐसे में पुराने पुल से लगातार भारी वाहनों के गुजरने से इसकी स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गयी है। लोगों का कहना है कि पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। भारी वाहनों के बढ़ते परिचालन का असर अंबा बाजार की सड़क पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क कई जगहों पर टूट गई है और जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों ने पुल के साथ-साथ सड़क की भी आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। दोनों ओर लगेगी रेलिंग, जल्द होगी मरम्मत पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल सिंह ने बताया कि पुल के निर्माण काल और उसकी निर्धारित भार क्षमता से संबंधित दस्तावेज फिलहाल विभाग के पास उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत करायी जाएगी। साथ ही पुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगायी जाएगी। स्थानीय लोगों ने विभागीय टीम के निरीक्षण को खबर का असर बताते हुए पुल की जल्द मरम्मत की उम्मीद जताई है। लोगों का कहना है कि यह पुल अंबा-नवीनगर मार्ग पर यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेह पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग पर बढ़े भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए पुल की तकनीकी जांच, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रेलिंग लगने से पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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