ढाका49 मिनट पहलेलेखक: मोहम्मद आरिफुल इस्लाम
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बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन के दौरान कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।
बांग्लादेश में कपड़ा मजदूर ढाई गुना वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को कई जगह पुलिस से उनकी झड़प हुई।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के चलते ढाका, गाजीपुर और मयमनसिंह में करीब 670 फैक्ट्रियां बंद रहीं। रविवार को भी 529 फैक्ट्रियों में काम बंद था। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े कुछ फैक्ट्री मालिक हिंसा भड़का रहे हैं।
मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़ी 2 तस्वीरें

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी भागते हुए नजर आए।

प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रक में आग लगा दी।
हाईवे जाम किया, पुलिस की 3 गाड़ियों में आग लगाई
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर के औद्योगिक इलाके से गुजरने वाला ढाका-टांगाइल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस की तीन वैन और कई दूसरे वाहनों में आग लगा दी गई।
ढाका से नारायणगंज जाने वाली सड़क पर भी प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोका और वाहनों के टायर जलाए। इन घटनाओं में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के कम से कम दो जवान और कई अन्य लोग घायल हुए। घायलों में पत्रकार भी शामिल हैं।
गाजीपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने बताया कि औद्योगिक इलाके में BGB की 10 प्लाटून तैनात की गई हैं।

गाजीपुर में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों से झड़प के दौरान पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।
गाजीपुर में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, 14 लोग गिरफ्तार
गाजीपुर इंडस्ट्रियल पुलिस के अधीक्षक अमजद हुसैन के मुताबिक, सोमवार को जिले में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद रहीं। वहीं, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पिछले दो दिनों में तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कम से कम 14 फैक्ट्री मजदूरों और अवामी लीग के नेताओं-कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
रविवार को भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। उस दिन करीब 50 लोग घायल हुए थे, जिनमें लगभग 15 पुलिसकर्मी शामिल थे।

गाजीपुर में मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान टायर भी जलाए गए। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।
प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाई
मजदूरों के प्रदर्शन और पुलिस से झड़प के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार शाम मंत्रियों और सलाहकारों के साथ आपात बैठक बुलाई थी।
गृह मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को फैक्ट्रियां चालू रखने और मजदूरों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्यात पर असर न पड़ने देने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
मजदूर न्यूनतम वेतन 23 हजार रुपए करने की मांग कर रहे
मजदूरों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन 9600 रुपए से बढ़ाकर 23 हजार रुपए किया जाए।
सरकार ने रविवार को वेतन तय करने के लिए एक वेतन बोर्ड बनाने का ऐलान किया था। इसके बावजूद मजदूरों का प्रदर्शन जारी रहा। श्रम मंत्री अरिफुल हक चौधरी ने मजदूरों से काम पर लौटने की अपील की थी।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है कपड़ा उद्योग
बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। देश के कुल निर्यात में इस उद्योग की हिस्सेदारी 80% से अधिक है। बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है।
वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश ने 3.68 लाख करोड़ के कपड़े निर्यात किए। यहां बने कपड़े 150 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं। अमेरिका और यूरोप इसके बड़े बाजार हैं।
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