बाल विवाह रोकने के लिए मंगलवार को मिनी सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
झालावाड़ में बाल विवाह रोकने के लिए मंगलवार को मिनी सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर अभिषेक चारण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।
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अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा जैसे विशेष अवसरों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत विभिन्न समूहों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। इनमें महिला समूह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, साथिन और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं।
बैठक में बाल विवाह में शामिल होने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया गया। भवानीमंडी के उपखंड अधिकारी श्रृद्धा गोमे ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 और पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबरों के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। बाल कल्याण समिति की सदस्य पूर्णिमा सिकरवार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों को जागरूकता फैलाने में शामिल करने का सुझाव दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सुरेंद्र कुमार पूनिया ने बाल विवाह रोकने के लिए चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। बैठक में ग्राम सभाओं में बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर चर्चा करने का भी निर्णय लिया गया।
जागरूकता के लिए पोस्टर का विमोचन एडीएम ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 36 और वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 20 बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त हुए। जिनको आपसी समझाइश और पाबंदी कार्रवाई कर निस्तारित करवाया है। इस दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों और रोकथाम के लिए संपर्क सूत्र की जागरूकता के लिए तैयार पोस्टर का विमोचन भी किया। साथ ही उपस्थित अधिकारियों, एनजीओ के प्रतिनिधियों आदि को बाल विवाह की रोकथाम के लिए शपथ दिलाई।
बैठक में यह रहे मौजूद बैठक में उपखंड अधिकारी मनोहरथाना रामकुमार वर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामसिंह मीणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक रामनिवास यादव, बाल कल्याण समिति की सदस्य बबली मीणा, तहसीलदार मनोहरथाना माधोलाल बैरवा, नायब तहसीलदार असनावर अजय कुमार पालीवाल, बाल अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी विष्णु कुमार सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

